बॉलीवुड के पर्दे पर कभी खतरनाक विलेन बनकर लोगों के रोंगटे खड़े करने वाले और कभी अपनी कॉमेडी से ठहाके लगवाने वाले दिग्गज अभिनेता शक्ति कपूर आज अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं. दिल्ली के करोल बाग की तंग गलियों से निकलकर मुंबई की चकाचौंध भरी फिल्मी दुनिया तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. सुनील कपूर से शक्ति कपूर बनने की जर्नी बेहद उतार-चढ़ाव, धमाकेदार किस्सों और अनगिनत विवादों से भरी रही है. उनके पिता चाहते थे कि बेटा घर का बिजनेस संभाले और पिता की तरह टेलर बने, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. कॉलेज के दिनों में क्रिकेट के मैदान पर मचाया गया भौकाल, मिथुन चक्रवर्ती द्वारा FTII में की गई रैगिंग, घर से भागकर की गई फिल्मी लव मैरिज और बेटी श्रद्धा कपूर के साथ उनका प्यारा बॉन्ड, उनकी जिंदगी के हर पन्ने बेहद दिलचस्प हैं. 700 से ज्यादा फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले शक्ति कपूर की यह रियल लाइफ कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं है.
पिता की जिद ठुकराई, क्रिकेटर की गर्लफ्रेंड से चलाया चक्कर
दिल्ली के करोल बाग में पले-बढ़े शक्ति कपूर का असली नाम सुनील कपूर था. उनके पिता की एक दर्जी की दुकान थी और वे चाहते थे कि उनका बेटा परिवार का यही बिजनेस संभाले. लेकिन शक्ति कपूर का मन पढ़ाई और सिलाई-कढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता था. वे बचपन से ही बेहद नटखट और शरारती स्वभाव के थे, जिसकी वजह से उन्हें तीन अलग-अलग स्कूलों से निकाल तक दिया गया था. शक्ति कपूर का यह रवैया पिता को कतई पसंद नहीं था इसलिए घर के पुश्तैनी बिजनेस संभालने को लेकर अक्सर प्रेशर बना रहता था. लेकिन जवान खून शक्ति कपूर कहां किसी की मानने वाले थे.
कॉलेज के दिनों में भी उनकी दबंगई कम नहीं हुई. दिल्ली के किरोड़ी मल कॉलेज में पढ़ते हुए वे कॉलेज की क्रिकेट टीम का हिस्सा थे, जहां टीम के कप्तान की गर्लफ्रेंड के साथ उनके अफेयर के चर्चे जोरों पर उड़ गए. इस गॉसिप और कॉलेज के जबरदस्त बवाल के बाद उन्हें मजबूरन क्रिकेट और उस लड़की दोनों से दूरी बनानी पड़ी. इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और आगे चलकर एक्टिंग की ट्रेनिंग के लिए पुणे के मशहूर एफटीआईआई (FTII) में एडमिशन ले लिया.
जब सीनियर मिथुन चक्रवर्ती ने की थी खौफनाक रैगिंग
एफटीआईआई पहुंचने से पहले शक्ति कपूर खुद को किसी बड़े स्टार से कम नहीं समझ रहे थे. रास्ते में एक बीयर की बोतल हाथ में लेकर जब वे पुणे के हॉस्टल पहुंचे, तो गेट पर एक शख्स धोती पहने खड़ा दिखा, जिसकी धोती में अनगिनत छेद थे और शरीर पर कड़े कट्ठड़ मसल्स थे. उस समय नशे और रुआब में चूर शक्ति कपूर ने उस अनजान शख्स से पूछ लिया, ‘बियर पिएगा क्या?’ वह शख्स कोई और नहीं बल्कि उनके सीनियर मिथुन चक्रवर्ती थे.
जब मिथुन को पता चला कि जूनियर ने उनसे ऐसी बदतमीजी की है, तो उन्होंने अपने दोस्तों (जिनमें राकेश रोशन और प्रमोद खन्ना भी शामिल थे) के साथ मिलकर शक्ति कपूर की जमकर क्लास लगाई. कमरे की बत्ती गुल कर दी गई, सिर्फ एक फोकस लाइट शक्ति पर डाली गई और फिर मिथुन ने कैंची निकालकर उनके लंबे बाल काट दिए. इस घटना ने शक्ति कपूर को अंदर से हिला दिया था और उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया था.
घरवालों के खिलाफ जाकर की लव मैरिज
शक्ति कपूर की पर्सनल लव लाइफ भी किसी रोमांचक थ्रिलर से कम नहीं है. फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान उनकी मुलाकात एक्ट्रेस शिवांगी कोल्हापुरे से हुई. उस वक्त शक्ति कपूर करीब 30 साल के थे और शिवांगी महज 18 साल की थीं. खलनायक वाली छवि के कारण शिवांगी के घरवाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे. जब दोनों ने शादी का फैसला किया, तो शिवांगी के परिवार ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया. प्यार में पागल शिवांगी ने घर से भागकर 1982 में शक्ति कपूर से कोर्ट मैरिज कर ली. शुरुआत में शक्ति के घरवाले भी हैरान थे, लेकिन जब पता चला कि शिवांगी मशहूर गायिका लता मंगेशकर और आशा भोसले के परिवार (मशहूर कोल्हापुरे परिवार) से ताल्लुक रखती हैं, तो बात बन गई.
हालांकि, शादी के शुरुआती दिनों में अखबारों तक में छप गया था कि यह रिश्ता सिर्फ 3 महीने टिकेगा और इनका तलाक हो जाएगा. लेकिन शक्ति कपूर ने सभी को गलत साबित कर दिया और समय के साथ शिवांगी के परिवार ने भी उन्हें अपना लिया. आज उनके दो बच्चे हैं- बेटा सिद्धांत कपूर और बॉलीवुड की सुपरस्टार बेटी श्रद्धा कपूर, जिनके साथ उनका बेहद प्यारा और दोस्ताना रिश्ता है.
विलेन से लेकर कॉमेडी तक का शानदार करियर
1977 में फिल्म ‘खिलाड़ी का खेल’ से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले शक्ति कपूर ने शुरुआती दिनों में कई छोटे-छोटे रोल किए. फिल्म ‘कुर्बानी’ और ‘रॉकस्टार’ में उनके खतरनाक विलेन के किरदारों ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. ‘हिम्मतवाला’, ‘हीरो’ और ‘चालबाज’ जैसी फिल्मों में उनके नेगेटिव रोल्स ने दर्शकों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया था. लेकिन 90 के दशक में उन्होंने अभिनय की दुनिया में एक गजब का यू-टर्न लिया और कॉमेडी में अपनी एक अलग ही बादशाहत कायम कर ली.
फिल्म ‘राजा बाबू’ में ‘नंदू’ का किरदार निभाकर उन्होंने इतिहास रच दिया और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड से नवाजा गया. इसके अलावा ‘अंदाज अपना अपना’ का ‘क्राइम मास्टर गोगो’, ‘हंगामा’, ‘चुप चुप के’ और ‘मलमास वीकली’ जैसी फिल्मों में उनके कॉमिक अंदाज ने आज भी दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई हुई है.
ये भी पढ़ें:- क्या सच में ‘ग्रीक गॉड’ जैसे दिखते हैं ऋतिक रोशन? एक्टर की तस्वीर देखकर ग्रीस में रहने वाली लड़की ने दिया ऐसा शॉकिंग रिएक्शन!