बॉलीवुड डेस्क,मुंबई.  अर्जुन कपूर, संजय दत्त और कृति सैनन स्टारर पानीपत, पीरियड ड्रामा फिल्म है. यह पानीपत की तीसरी लड़ाई पर आधारित है जो, 1761 में मराठाओं और अफगान के अहमद शाह अब्दाली के बीच लड़ी गई थी. रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर राजस्थान में विरोध प्रदर्शन जारी है. विरोध में निर्देशक आशुतोष गोवारिकर के पुतले जलाए जा रहे हैं.

भरतपुर के पूर्व महाराजा और राजस्थान सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने फिल्म में महाराजा सूरजमल के किरदार पर जताई आपत्ति है. उनका कहना है कि मेकर्स ने महाराजा सूरजमल के किरदार को तोड़ मरोड़कर और गलत ढंग से पेश किया है. इसलिए वह फिल्म पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं.  बता दें कि विश्वेन्द्र सिंह महाराजा सूरजमल की 14वीं पीढ़ी हैं.

मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पानीपत को लेकर जारी की प्रेस रिलीज

पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने फिल्म पानीपत के खिलाफ प्रेस रिलीज जारी की है,जिसमें उन्होंने कहा- फिल्म में ऐतिहासिक तत्वों के साथ छेड़छाड़ की गई और भरतपुर के महाराजा सूरजमल जाट जैसे महान पुरुष के किरदार को फिल्म में गलत तरीके से पेश किया गया. विश्वेंद्र सिंह कहते हैं, मैं महाराजा सूरजमल जाट की 14वीं पीढ़ी से हूं. सच्चाई यह है कि पेशवा और मराठा जब पानीपत की लड़ाई से हार कर लौटे थे तब महाराजा सूरजमल और महारानी किशोरी ने 6 महीने तक पूरे मराठा सेना और पेशवाओं को अपने यहां पनाह दी. इसलिए मेरी सरकार से मांग है कि, जल्द से जल्द एक कमेटी बनाई जाए. इसमें किसी भी वंश या महान व्यक्ति पर बनने वाली फिल्म को रिलीज करने से पहले उनके परिवारवालों से अनुमति जी जाए.

विश्वेन्द्र सिंह सहित कई अन्य राजनेताओं ने भी ट्वीट कर जताई आपत्ति

विश्वेन्द्र सिंह के साथ साथ सांसद हनुमान बेनीवल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्थान के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी फिल्म में महाराजा सूरजमल के किरदार को गलत तरीके से दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है. 

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्विटर पर काह कि-स्वाभिमानी,निष्ठावान और हृदय सम्राट महाराजा सूरज मल का फ़िल्म निर्माता द्वारा फ़िल्म पानीपत में किया गया ग़लत चित्रण निदंनीय है. दूसरी ओर नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल का कहना है कि- इसका प्रभाव राजस्थान की कानून व्यवस्था पर पड़ सकता है. उन्होंने ट्विटर पर सूचना व प्रसारण मत्री प्रकाश जावडेकर और सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी को विवादित किरदार को लेकर ध्यान देने का अनुरोध किया है. वहीं,राजस्थान के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी फिल्म में महाराजा सूरजमल के दिखाए गए किरदार का विरोध करते हुए उसे ठीक करने की मांग की है.

विश्वेंद्र सिंह ने ट्विटर पर लिखते हैं-यह अत्यंत दुख की बात है कि ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड करते हुए भरतपुर के महाराजा सूरजमल जाट जैसे महान पुरूष का चित्रण ‘पानीपत‘ फिल्म में बेहद गलत तरीके से किया गया है. मेरा मानना है कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के जाट समुदाय में भारी विरोध को देखते हुए इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए अन्यथा कानून व्यवस्था बिगड सकती है!

इससे पहले भी पानीपत पर लग चुके हैं कई आरोप

बता दें कि इससे पहले भोपाल में पहने वाले पेशवा बाजी राव के वंशज द्वारा उनके किरदार को गलत तरीके से पेश करने के आरोप लगाए गए थे. पेशवा बाजी राव की आठवीं पीढ़ी के वंशज नवाबजादा शादाब अली बहादुर ने ट्रेलर रिलीज के बाद आरोप लगाया था कि पानीपत में महान मराठा जनरल और उनकी दूसरी पत्नी मस्तानी को अपमानजनक तरीके से पेश किया गया है. इसके लिए फिल्म मेकर्स को नोटिस भी भेजा गया था. (फर्स्टपोस्ट.कॉम के अनुसार). वहीं अहमद शाह अब्दाली के किरदार पर भी काफी विवाद हुआ था.

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