नई दिल्ली. बॉलीवुड फिल्में समाज का आइना होती हैं. बदलते दौर में फिल्मों का तौर तरीके भी बदल रहा है. आज फिल्मों की जगह वेब सीरीज लेती जा रही हैं, ये दर्शकों को बहुत तेजी से अपनी तरफ आकर्षित कर रही हैं. वेब सीरीज की आज के समय में टीवी सीरियल्स और फिल्मों से ज्यादा डिमांड की जा रही है. इन वेब सीरीज की कहानियो में न ही सास बहु का ड्रामा है और न ही लंबे ब्रेक होते हैं.

वेब सीरीज में निर्देशक दर्शकों को कुछ नयापन परोसने की कोशिश करते हैं और यही वजह है कि आज के समय में इनमें निर्देशक नयापन की जगह फूहड़पन और अश्लीलता परोस रहे हैं, जिसका हमारे समाज पर काफी असर पड़ रहा है. गंदी बात, XXX, माया जैसी वेब सीरीज ने नंगापन दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

इंटरनेट पर सेंसरशिप को लेकर कोई नियम नहीं है ऐसे में इस छूट का कुछ लोग गलत फायदा भी उठा रहे हैं. ऐसे दौर में जब महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को लेकर पूरे देश में उबाल है, हमें वेब सीरीज के कंटेंट को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ने की जरूरत है.

कंटेंट के लिहाज से देखा जाए तो हर वेब सीरीज सेक्स सीन और बोल्डनेस भरपूर होती है. कहीं ना कहीं सोशल मीडिया पर वेब सीरीज को प्रमोट करने के लिए बोल्डनेस और अश्लील सीन एक अलग तरह की टीआरपी भी देते है. जिस तरह फिल्मों में पहले आइटम सॉन्ग का इस्तेमाल दर्शकों को आकर्षित करने के लिए किया जाता है. ठीक वैसा ही नाता अब अश्लील कंटेंट, गालियां. बोल्ड सीन और वेब सीरीज का हो गया है.

इतना ही नहीं सुपरस्टार्स और एकता कपूर, विक्रम भट्ट जैसे निर्देशक भी अपनी हदें पार करते हुए यानी अश्लील कंटेंट और गालियां दिखाने से परहेज नहीं कर रहे हैं. चाहे फिर मिर्जापुर की बात करें, सेक्रेड गेम्स या रंगबाज जैसी वेब सीरीज की. वहीं बोल्ड सीन्स तो इन वेब सीरीज के लिए सोने पर सुहागा की तरह काम कर रहे हैं.

फिल्मों और टीवी सीरीयल्स में जो सीन्स शालीनता से दिखाए जाते हैं. उनसे दस कदम आगे ये वेब सीरीज हैं, जहां हर सीन में नंगापान चरम पर दिखाया जाता. वेब सीरीज में बोल्ड सीन्स इस कदर हावी हो गए हैं कि यहां एक्टर एक्ट्रेस कपड़े उतारने से जरा भी नहीं कतराते हैं. कई वेब सीरीज में तो सेलेब्स को करीबन न्यूड दिखाया गया है, फिर चाहें वो एक्टर हो या फिर एक्ट्रेस.

महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और वेब सीरीज का रिश्ता

एक तरफ देश में जहां महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हैं वहीं दूसरी ओर इन वेब सीरीज में नंगापान खासकर की एक्ट्रेस के बोल्ड सीन्स दर्शकों को परोसे जा रहे हैं. जिस समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने और पुरुषों से कदम मिलाकर चलने की बात की जाती है. उसी समाज में महिलाओं के न्यूड सीन्स दर्शकों को परोसे जाते हैं.

देश में बालात्कार और महिलाओं के साथ छेड़छेाड़ की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. पिछले कुछ दिनों की खबरों पर नजर डालें तो उसमें महिलाओं के साथ रेप कर उसे जिंदा जलाने की कई खबरें सामने आ रही हैं. हैदराबाद में डॉक्टर के साथ गैंगरेप और बाद में उसे जिंदा जलाकर बेहरमी से हत्या के मामले ने पूरे देश को अंदर से झंझोर कर रख दिया.

जब भी ऐसी कोई घटना होती है तो फिल्ममेकर, निर्देशक, सुपरस्टार सेलिब्रिटी सब रोड़ पर उतर आते हैं. महिला सुरक्षा और उनके आत्मसम्मान की बड़ी बड़ृी बातें करते हैं लेकिन वही निर्देशक और फिल्ममेकर फिल्मों और वेबसीरीज में महिलाओं के बोल्ड और अश्लील सीन्स मनोरंजन के रूप में दर्शकों के सामने परोस रहे हैं.

सेंसर बोर्ड की चिंता नहीं

वेब सीरीज में निर्देशकों को सेंसर बोर्ड की कोई टेंशन नहीं होती. वेब सीरीज में कंटेंट परोसने के कोई नियम और कानून नहीं है. फिल्मों में जब भी सेंसर बोर्ड को कोई सीन पसंद नहीं आता या आपत्तिजनक लगता है तो वह उसे काट देते हैं. लेकिन वेब सीरीज में इसे लेकर ना तो कोई नियम है ना कोई लगाम लगाने वाला. यही वजह है कि निर्देशक बिना किसी की परवाह किए दर्शकों को अश्लील कंटेंट परोस रहे हैं.

सस्ता इंटरनेट

वेब सीरीज का ट्रेंड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है सस्ता इंटरनेट. दरअसल भारत में कई देशा के मुकाबले सस्ता इंटरनेट है और यही वजह है कि कोई भी आसानी से इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकता है. अगर देखा जाए तो इंटरनेट के मुकाबले फिल्म के टिकट और डीटीएच का रिचार्ज महंगा होता है. वहीं टीवी सीरियल में एक दो साल तक एक ही कहानी चलती है और हर दिन इसे एक ही वक्त पर देखने का भी काफी झमेला होता है. लेकिन वेब सीरीज में ऐसा नहीं है, यहां एक सीरीज में लगभग 8-10 एपिसोड होते हैं. वेब सीरीज का एक एपिसोड 20 से 25 मिनट तक का होता है. जिसे हम अपने मोबाइल में कहीं भी और कभी भी देख सकते हैं.

समाज पर वेबसीरीज का प्रभाव

फिल्मों और वेबसीरीज का सबसे ज्यादा प्रभाव युवाओं पर पड़ता है. इनसे प्रभावित होकर ही युवा अपने लाइफस्टाइल, फैशन को अपनाते हैं. वेबसीरीज में अश्लीलता और गालियों को खुलकर दिखाया जाता है और इन सब का गहरा असर युवाओं पर भी पड़ रहा है. वेबसीरीज में दिखाए जाने वाले नशे, रंगीन लाइफस्टाइल में जीना युवाओं की पसंद बन जाती है.

कंटेंट क्वीन एकता कपूर के दामन पर भी हैं दाग

टीवी सीरियल्स और बॉलीवुड फिल्मों में एकता कपूर निर्देशक और निर्माता के तौर पर काफी बड़ा नाम हैं. एकता कपूर ने अपनी वेबसीरीज गंदी बात और XXX में फूहड़पन और गंदेपन की सारी सीमा लांघ दी हैं. एकता कपूर अपने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अल्ट बालाजी पर गंदी बात नाम से एक वेबसीरीज लेकर आईं.

जिसमे समाज की सभी तरह की औरतों के साथ हो रहे शारीरिक शोषण दिखाया गया है. हद तो तब हो गई जब एक सांप को महिला के साथ संभोग करता हुआ दिखाया गया. इस वेबसीरीज में इतना फूहड़पन दिखाया गया है कि इसे अकेले बैठकर देखना ही ठीक होगा. एकता कपूर का टीवी सीरियल हो बॉलीवुड फिल्म हो या वेबसीरीज सब में बोल्ड सीन्स जरूर देखने को मिलेगा.

वेबसीरीज और बॉलीवुड फिल्में ही नहीं एकता कपूर ने तो टीवी सीरियल में भी गंद मचाई हुई है. टीवी सीरियल जिन्हें लोग घर परिवार के साथ बैठकर देखना पसंद करते हैं, उनमें भी आज ऐसा कंटेंट और बोल्ड सीन्स दिखाए जा रहे है, जिन्हें आप परिवार के साथ बैठकर नहीं देख सकते हैं. पहले एकता कपूर ने अपने सीरियल्स के जरिए लोगों के बीच अंधविश्वास फैलाया और अब दर्शकों को बोल्ड सीन्स परोस रही हैं.

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One response to “Nudity In Webseries: एक तरफ महिला सुरक्षा पर बहस दूसरी ओर डिजिटल वेब सीरीज में परोसा जा रहा फूहड़पन, कितना सही कितना गलत”

  1. Film makers log har type ke web series, short films ya movies banate hain. Some of them are okayish and others are based on lust, violence etc. Ghar pe family members ke sath dekhne mein problem ho jata hain. Jo cheeze adult films mein dikhaya jata hain, wahi se ideas lekar films aur web series bana rahe hain, nudity dikha rahe hain. Logo ko pasand aa raha hain, dekhne lag jate hain, share karte hain clips ko social medias aur gande sites par. Kyun? Kyunki sab log pornography jo dekhte hain.

    Pornography has corrupted our minds. People are watching it every day, sach kahen toh majority of people eise reality samaj rahe hain. Aur youngsters ko bohot accha lagta hain, mobile aj kal sabhi ke haath mein hain aur bacche log janne ki koshish karte hain. Wo kisi website ya torrent se erotic pictures, kamasutra ebooks, adult magazines ya phir kuch porn films download karke chup chupke dekhte hain.
    Film makers ko pata hain ki log zyadatar sexual cheeze dekhna pasand karte hain, par unko samaj na chahiye ki zyada dekhne se ya bar bar dikhane se addiction ho jata hain, sexual thoughts humare dimag mein aata hain, bad habits create hota hain, concentration problems hota hain etc.
    You are right mam. Films and webseries have the greatest impact on the youth. And I understand that those contents are made for the adults, par jo producers ye cheeze bana rahe hain aur jin actors actresses unhe banane mein madat kar rahe hain, wo bohot galat ho raha hain. Sabse buri baat ye ki jo log newcomers hain eis industry mein..wo bhi un actors, actresses ko follow karke aise film projects mein kaam lete hain only for fame, popularity, money and satisfaction. Unhe lagta hain ki web series mein nangapan dikhane se film offers milenge, hindi film k top star ban jayenge. People are following them, kahin saare fans followers hain, unko samaj na chahiye ki jo bhi message send karenge wo lakho logo tak jayega.
    Log kya sikh rahe hain ye sab dekh kar? Unhe kya message mil raha hain?
    Jo log acting profession mein nahi hain, school/college mein padh rahe hain, jo log jobless hain, unlogo mein se kuch aise bhi hain jo paise kamane, satisfaction keliye aur timepass karne keliye gande kaam karte hain social medias pe ya cam sites mein a/c banakar ya phir prostitute bankar. Baki log bhi shuru kar dete hain, inspire hue hain unlogo se. Toh main samajta hu ki pornography ke wajah se humare minds corrupt ho chuke hain, corrupt karwaya ja raha hain, log pervert minded ho gaye hain.
    If i talk about this with people, log kahenge ki “koi problem nahi hain. We are living in 21st century aur jab foreign people kar sakte hain, toh indians kyun nahi kar sakte? Entertainment keliye banaya gya hain ye sab, that’s it”. Western countries mein pornography unke jivan ka ek hissa ban chuka hain, wahan ke cultures aur humare desh ka culture alag hain. Agar entertainment dena hain, toh kuch accha cheez k upar content banake bhi diya ja sakta hain so that people can learn something good. Kuch films ya web shows mein log english, hindi ya koi aur language mein gaaliyan de rahe hain.
    People have become so shameless, ye log sirf apne fayde ke liye sochte hain, jo mann mein aaya jo sahi laga unke liye wohi sahi hain. They don’t care about the world, about the “incidents” that are happening everywhere, they don’t even think that how much it is affecting us all especially the youth!

    Ye bohot bada problem hain, it’s been happening for years.
    I hope things will change one day.

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