नई दिल्ली. हाल ही में अमेजन प्राइम पर रिलीज हुई अनुष्का शर्मा के बैनर की वेबसीरीज ‘पाताल लोक’ सोशल मीडिया पर चर्चा की विषय बन गई. जितना मैंने इस वेबसीरीज को देखकर समझा उस हिसाब से पाताल लोक के जरिए कहीं न कहीं धर्म या जाति के नाम पर समाज की खराब होती जा रही मानसिकता को दर्शाने की कोशिश की गई. हालांकि, इसका किसपर कितना फर्क पड़ा वो तो नहीं बता सकते लेकिन इतना साफ हो गया कि चाहे वेबसीरीज के जरिए ही सही, अगर कोई समाज की सच्चाई दिखाने की कोशिश भी करता है तो उसका हम सभी को स्वागत करना चाहिए.

वेबसीरीज की कहानी में एक ही समाज को तीन हिस्से स्वर्ग लोक (अमीर लोग), धरती लोक (मध्यमवर्गीय) और पाताल लोक (निचले तबके के लोगों) में बांटा गया. और उसी समाज में धर्म-जाति के नाम पर होने वाले नंगे नाच को भी उजागर करने की कोशिश की गई.

कहानी की शुरुआत से ही लीड एक्टर सीनियर इंस्पेक्टर हाथी राम चौधरी (जयदीप अहलावत) और इमरान अंसारी (इशवंक सिंह) के बहाने हिंदू-मुस्लिम समाज में प्रेम और दूरी का अजीब संगम दिखाया गया लेकिन अच्छा संदेश जरूर दे गया. जब एक सीन में हाथीराम चौधरी मुस्लिम अपराधी को ”कटुआ” बोलता है तो उसके पीछे खड़े अंसारी को कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन इसके बावजूद हाथीराम चौधरी बाहर निकलकर इस सांप्रदायिक शब्द को बोलने का दुख जताता है. यानी समाज में प्रचलन की वजह से शब्द तो बोल दिया लेकिन बाद में दुख जरूर हुआ.

लिबरल पत्रकार का TRP खेल
वेबसीरीज की कहानी में एक बड़े जर्नलिस्ट संजीव मेहरा (नीरज काबी) की बड़ी भूमिका है जो शुरुआत में लिबरल और बाद में खुद की हत्या की नाकाम साजिश का कनेक्शन आईएसआई से जोड़ देता है. उसकी हत्या की साजिश के लिए जो 4 लोग पकड़े जाते हैं उनमें एक मुस्लिम कबीर एम भी होता है जिसे हाथीराम चौधरी कटुआ तो मीडिया के टॉप स्तर पर बैठे लिबरल संजीव मेहरा टीआरपी के लिए सीधा पाकिस्तानी ही बता देता है. हालांकि, वेबसीरीज के आखिरी एपिसोड तक आते आते दर्शक इस सारे एजेंडा को पकड़ जरूर लेते हैं.

धर्म और जातियों से भरा पाताल लोक
संजीव मेहरा की हत्या के लिए चार लोग आते हैं जिसमें विशाल त्यागी, तोप सिंह, कबीर एम और चीनी ( ट्रांसजेंडर ) शामिल हैं. इन चारों की कहानियों के जरिए भी समाज की मानसिकता को दर्शाने की पूरी कोशिश की गई. जहां विशाल त्यागी को पिछली जिंदगी में अपनी बहनों का बलात्कार का कड़वा घूट पीकर हत्यारा बनना पड़ता है तो तोप सिंह पंजाब में सवर्ण जातियों के लोगों से तंग आकर हथियार उठा लेता है.

वहीं मुस्लिम किरदार कबीर एम की पिछली कहानी भी नफरत से भरी दिखाई गई. एक सीन में कबीर के पिता कहते भी हैं कि कबीर के बड़े भाई को तो लोगों ने बीफ खाने के शक में मार दिया लेकिन वे कबीर को इस सबसे दूर रखना चाहते थे, इसी वजह उन्होंने उसके खतने को लेकर भी गलत सर्टिफिकेट बनावाया. ताकि कोई उसे मुसलमान न समझ ले क्योंकि पहले भी वे अपना एक बेटा खो चुके हैं.

संजीव मेहरा की हत्या करने आए लोगों में एक चीनी किरदार भी है जिसे शुरू में पुलिस लड़की समझती है लेकिन बाद में पता चलता है कि वह ट्रांस्जेंडर है. वेबसीरीज में चीनी के किरदार को दो तरह पेश किया गया. पहला भारतीय होने के बावजूद उसका नाम जिसमें नस्लवाद की बू साफ आती है, दूसरा उसका ट्रांस्जेंडर होना. इसी वजह से बचपन से उसका शोषण किया जाता है जिसकी आवाज शायद कोई नहीं उठा पाता.

Nudity In Webseries: एक तरफ महिला सुरक्षा पर बहस दूसरी ओर डिजिटल वेब सीरीज में परोसा जा रहा फूहड़पन, कितना सही कितना गलत

7th Pay Commission: 7th पे के तहत मोदी सरकार ने 65 लाख केंद्रीय पेंशनरों को दी सौगात, बैंकों को जारी किए नए नियम

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर