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‘आंखें’-‘तलाश’ जैसी फिल्मों के निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, 76 की उम्र में ली अंतिम सांस, रह चुके CBFC के अध्यक्ष

Pahlaj Nihalani Dies: प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और CBFC के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. पहलाज निहलानी अपने कार्यकाल के दौरान कई विवादों में घिरे रहे थे.

By: Kamesh Dwivedi | Published: June 4, 2026 12:54:41 PM IST



दिग्गत फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. पहलाज निहलानी ने ‘शोला और शबनम’ से लेकर ‘आंखे’ जैसी फिल्मों के निर्माण में अहम भूमिका बनाई थी. जानकारी के अनुसार वह कुछ समय से अस्वस्थ थे और लीवर संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे. उनका अंतिम संस्कार आज (4 जून) को दोपहर 3 बजे मुंबई के सांता क्रूज़ स्थित एक श्मशान घाट में किया जाएगा. जानिए उनके विवाद, फिल्में और अन्य जानकारी. 

फिल्मों में निभाई अहम भूमिका

पहलाज निहलानी हिंदी फिल्म उद्योग में एक प्रमुख हस्ती थे. निहलानी ने 1980 के दशक की शुरुआत में एक फिल्म निर्माता के रूप में अपना सफर शुरू किया. उनकी पहली फिल्म, ‘हथकड़ी’ थी, जो 1982 में रिलीज हुई थी. इसके बाद उन्होंने ‘आंखें’ , ‘अंदाज़’ , ‘तलाश’ , ‘रंगीला राजा’ और ‘जूली 2’, ‘गुनाहों का फैसला’, ‘पाप की दुनिया’, ‘मिट्टी और सोना’, ‘शोला और शबनम’ सहित कई बॉलीवुड फिल्मों का समर्थन किया. एक निर्माता के रूप में, पहलाज निहलानी विभिन्न विधाओं की कई कॉमर्शियल हिंदी फिल्मों से जुड़े रहे. फिल्म उद्योग में उनका योगदान कई दशकों तक फैला रहा.

CFBC के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं

साल 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले, पहलाज निहलानी ने नरेंद्र मोदी के समर्थन में ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’ नामक प्रचार गीत का निर्माण करके ध्यान आकर्षित किया था. इसके बाद उन्हें जनवरी 2015 में सीबीएफसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. फिल्म प्रमाणीकरण और सेंसरशिप पर उनके कड़े रुख के कारण उनकी नियुक्ति जल्द ही विवाद का विषय बन गई.

अपने फैसलों से विवादों में भी घिरे थे निहलानी

  • CBFC प्रमुख के रूप में निहलानी का कार्यकाल कई हाई-प्रोफाइल विवादों से भरा रहा. पदभार संभालने के तुरंत बाद, उन्होंने सख्त प्रमाणन दिशानिर्देश पेश किए, जिनमें अपशब्दों, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव था.
  • फिल्मों और ट्रेलरों में काट-छांट करने के आदेशों के लिए उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा. हॉलीवुड अभिनेता जेम्स बॉन्ड की फिल्म ‘स्पेक्ट्रे’ में किसिंग सीन्स को काट कर छोट करना भी शामिल था. 
  • सबसे बड़ा विवाद 2016 में शाहिद कपूर की फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के प्रमाणीकरण के दौरान सामने आया. निहलानी के नेतृत्व में सीबीएफसी ने मामला अदालत पहुंचने से पहले ही फिल्म में कई कट लगाने का सुझाव दिया था. अंततः, बॉम्बे हाई कोर्ट ने केवल एक कट के साथ फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी.
  • फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ के ट्रेलर में “इंटरकोर्स” शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताकर भी सुर्खियां बटोरीं , उनका तर्क था कि भारतीय दर्शक इस तरह की शब्दावली के लिए तैयार नहीं हैं.

CBFC पद से हटाया गया

अगस्त 2017 में पहलाज निहलानी को CBFC अध्यक्ष पद से हटा दिया गया और उनकी जगह गीतकार व विज्ञापन विशेषज्ञ प्रसून जोशी को नियुक्त किया गया. पद छोड़ने के बाद निहलानी ने कहा था कि फिल्मों को लेकर उनके कुछ फैसलों और सरकार के साथ मतभेदों की वजह से उन्हें पद से हटाया गया.

दुष्कर्म करने का भी लगा आरोप

साल 2024 में, अभिनेत्री निक्की अनेजा ने आरोप लगाया कि पहलाज निहलानी ने साल 1993 में फिल्म ‘मिस्टर आज़ाद’ की शूटिंग के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया था.

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