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महाभारत से घर-घर मिली पहचान… गजनी में विलेन का रोल निभाने वाले प्रदीप रावत ने 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Pradeep Rawat Passed Away: बी. आर. चोपड़ा की महाभारत में अश्वत्थामा का किरदार निभाने वाले और हिंदी-साउथ सिनेमा के दमदार एक्टर प्रदीप रावत ने मंगलवार यानी 4 अगस्त को 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली.

By: Shristi S | Last Updated: August 4, 2026 11:39:51 PM IST



Pradeep Rawat Passed Away: बी. आर. चोपड़ा की महाभारत में अश्वत्थामा का किरदार निभाने वाले और हिंदी-साउथ सिनेमा के दमदार एक्टर प्रदीप रावत ने मंगलवार यानी 4 अगस्त को 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. वे ब्लड कैंसर का इलाज करा रहे थे और उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

अपने लंबे फिल्मी करियर में प्रदीप रावत ने विलेन और सपोर्टिंग रोल से अपनी अलग पहचान बनाई. आमिर खान की गजनी में खतरनाक विलेन और लगान में देवा सिंह सोढ़ी के उनके रोल आज भी दर्शकों को याद हैं. उनके जाने से हिंदी और साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में कोई बड़ा एक्टर नहीं रहा.

कौन थें प्रदीप रावत?

21 जनवरी, 1952 को जबलपुर, मध्य प्रदेश में जन्मे प्रदीप रावत ने फिल्मों में आने से पहले टेलीविजन से एक्टिंग करियर शुरू किया था. उन्होंने बी.आर. चोपड़ा के पॉपुलर सीरियल महाभारत में अश्वत्थामा का रोल किया, जिससे उन्हें पहली बड़ी पहचान मिली. इसके बाद उन्होंने 1985 की फिल्म मेरी जंग से हिंदी फिल्मों में एंट्री की. अपने शुरुआती सालों में, उन्होंने कई फिल्मों में छोटे लेकिन असरदार रोल किए और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी मज़बूत पकड़ बनाई.

सरफ़रोश और गजनी में विलेन का किरदार निभाया

प्रदीप रावत को असली पॉपुलैरिटी सरफ़रोश (1999), लगान (2001), और गजनी (2005 तमिल, 2008 हिंदी) जैसी फिल्मों से मिली. लगान में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का रोल किया, जबकि गजनी में गजनी के रोल ने उन्हें नेशनल पहचान दिलाई. खास बात यह है कि उन्होंने तमिल ओरिजिनल और उसके हिंदी रीमेक दोनों में एक ही रोल किया. वह कई हिंदी फिल्मों में भी दिखे, जिनमें द हीरो: लव स्टोरी ऑफ़ ए स्पाई, ग्रैंड मस्ती, सिंह इज़ ब्लिंग, और चावा शामिल हैं. उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी एक लंबा और सफल करियर बनाया.

साउथ इंडियन फिल्म में भी दिखाया दम

उन्होंने साउथ इंडियन सिनेमा में गहरी छाप छोड़ी। प्रदीप रावत सिर्फ़ हिंदी फ़िल्मों तक ही सीमित नहीं थे. उन्होंने तेलुगु फ़िल्म साई से साउथ इंडियन सिनेमा में शानदार शुरुआत की, जिसके लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट विलेन (तेलुगु) अवॉर्ड मिला. उन्हें नंदी और संतोषम अवॉर्ड जैसे अवॉर्ड भी मिले. चार दशकों से ज़्यादा के करियर में, उन्होंने कई भाषाओं में 100 से ज़्यादा फ़िल्मों और टेलीविज़न सीरीज़ में काम किया. अपनी दमदार आवाज़, शानदार स्क्रीन प्रेज़ेंस और अनोखे विलेन वाले स्टाइल के साथ, प्रदीप रावत को हमेशा इंडियन सिनेमा के सबसे यादगार एक्टर में से एक के तौर पर याद किया जाएगा.

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