नई दिल्ली : जानकी के सामने सरला जी दादी और करन की मां एक एक कर सवाल करती है कि कैसे और कौन वो है जिसने उनका ये हाल किया है. जिसका जवाब जानकी अपनी पलक को छपका कर देती है. लेकिन ज्यादा सवाल जवाब से उनकी तबियत बिगड़ने लगती है और वे लोग उन्हे आराम करने के लिये छोड़ देते हैं. 

दूसरी तरफ चेंजिग रूम के सामने शर्लिन और पृथ्वी का सच लोगो के सामने आने वाला है ऐसा दर्शकों को लग रहा है लेकिन बाहर पृथ्वी करन और ऋषभ देर तक बहस करते हैं और एक दुसरे पर ब्लेम गेम खेलते हैं. फाइनली ये डिसाइड होता है कि चेंजिग रूम को प्रीता खुलवाएगी. प्रीता दरवाजा खटखटाती है लेकिन कोई दरवाजा करन कहता है कि वो दरवाजा तोड़ देगा लेकिन जब मास्टर कि से दरवाजा खोला जाता है तो सब हैरान हो जाते है क्योंकि अंदर कोई नही होता है. 

प्रीता करन से कहती है कि अंदर कोई नही है जिससे वो झुठा बन जाता है. वो सब को कहता है कि उसकी बात माने उसने शर्लिन कीआवाज इसी रूम से सुनी थी और उसी रूम से पृथ्वी बाहर निकलता है. लेकिन कोई उसकी बात नही मानता है. वही पिछे से शर्लिन बगल वाले कमरे से बाहर निकल जाती है. दरअसल वो खुली छत का फायदा उठा बगल वाले कमरे में कूद जाती है. और एक बार फिर शर्लिन और पृथ्वी जीत जाते हैं. शर्लिन को कमरे से ना निकलते देख पृथ्वी एक बार फिर अपने रूप में आ जाता है. वो ऋषभ को भड़काता है कि करन ने उसकी होने वाली बीवी यानि शर्लिन के कैरेक्टर पर भी शक किया है. जिसे सुनकर ऋषभ को गुस्सा आ जाता है और वो करन को थप्पड़ जड़ देता है. 

वहीं दूर छुपी शर्लिन भी सबके सामने आ जाती है और मासूम बनकर ये जताती है कि उसे कुछ भी नही पता. ऋषभ हाथ जोड़कर पृथ्वी से माफी मांगता है. जिससे प्रीता और करन शर्मिंदा हो जाते है. करन वहां से निकल जाता है. शर्लिन से पृथ्वी पूछता है कि वो कहां गई थी वो झूछ बोलती है कि वो करन के लिये कपड़े लेने के लिये गई थी. ये सुनकर पृथ्वी एक बार और गुस्सा होता है और प्रीता का हाथ पकड़कर वहां से ले जाता है. अब देखना ये है कि आज इतने टेंशन भरे माहौल में कल का प्यार का दिन यानि की वैलेन्टाइन डे कौन कैसे और किसके साथ सेलिब्रेट करेगा.