नई दिल्ली :  सिमोनिका आज पूरे प्लान में है कि वो कुछ भी करेगी लेकिन प्रज्ञा का खेल आज खत्म कर के ही दम लेगी क्योंकि वो जानती है कि जब तक प्रज्ञा जिंदा है वो अभि तक नही पहुंच पाएगी. अपने मंगेतर की मौत का बदला वो अभि को जान से मान कर लेना चाहती है लेकिन जब भी वो अभि को मारने के लिये प्लान बनाती है प्रज्ञा उसे फेल कर देती है.

प्रज्ञा घर के सभी नौकरों को छुट्टी देकर खुद घर के सभी लोगो के लिये खाना बनाती है. वो चाहती है कि घरवाले उसके हाथ के खाने के टेस्ट को पहचान जाए और पहचान ले की वो ही प्रज्ञा है. सिमोनिका किचन में आती है और सोचती है कि कैसे वो प्रज्ञा का खेल खत्म करे. प्रज्ञा उसे घरवालों को नाश्ता सर्व करने के लिये भेजती है. वहीं अभि और पूरब किसी काम से घर के बाहर जाते हैं. वो दोनो रास्ते से जा रहे होते हैं कि अचानक पूरब को संग्राम के वान्टेड का पोस्टर पूरे शहर में लगा देखता है अभि उसे कहता है कि संग्राम ने पूरब पर हाथ उठाया था इसिलिये वो कमिशनर को बोलकर शहर में उसके पोस्टर लगवाए हैं.

प्रज्ञा दादी को नाश्ता देने खुद जाती है किचन खाली देखकर सिमोनिका किचन में जाती है और एक भंयकर प्लान बनाती है प्रज्ञा को मारने का. वो गैस की पाइप काटने की कोशीश करती है लेकिन अचानक दिशा वहां आ जाती है.एक पल को लगता है कि सिमोनिका पकड़ी गई लेकिन दिशा को देखखर सिमोनिका नीचे छुप जाती है. सिमोनिका दिशा के जाने के बाद एक बार फिर से पाइप काटना शुरू कर देती है और फाइनली वो कामयाब हो जाती है. तो क्या प्रज्ञा हो जाएगी किसी बड़े हादसे का शिकार देखा दिलचस्प होगा.