नई दिल्ली : 16 अप्रैल 2018 के कुमकुम भाग्य में दर्शक देखेंगे की कैसे प्रज्ञा सिमोनिका की हमशक्ल अवंतिका के कहने पर अभि की पूरी प्राप्रर्टी उसने नाम कर देती है प्रज्ञा कुछ ऐसी चाल चलती है कि अंवितका को कार्ट में कर ये कहना ही पड़ता है कि वो ही सिमोनिका है चलाक अवंतिका बिलकुल सिमोनिका के ही अंदाज में वकील को धोखा देने में कामयाब हो जाती है कि वो सिमोनिक है.

ये यकीन हो जाने पर की जो लड़की कटघरे में खड़ी है वो ही सिमोनिका है जज कहता है कि अभि पर लगे सारे गुनाह गलत हैर कोर्ट उसपर लगे सारे आरोपो को वापस लेता है. ये सुन सारे घरवाले खुश हो जाते हैं. वो प्रज्ञा की तारिफ करते हैं कि कैसे प्रज्ञा ने अपने भरोसे से अभि को जेल से बाहर लाया. जज अपना फैसला सुनाने वाला ही होता है कि लंच ब्रेक हो जाता है और जज अपना फैसला आधे पर ही छोड़कर उठ जाता है.

लंच ब्रेक में जहां मेहरा परिवार अभि की रिहायी की खुशियां मना रहा होता है और वहीं अंवतिका अपने पति से कहती है कि वो पता करे की प्रप्रार्टी उसके नाम हुई की नही. उसे जैसे ही पता चलता है कि सब कुछ उसके नाम हो गया हो और पेपर उसके पति के पास है वो चुपचाप कोर्ट में आ जाती है. लंच ब्रेक के बाद कोर्ट के अंदर का नजारा बिलकुल बदला सा नजर आने लगता है. विपक्ष का वो वकील जो ये साबित करने में नकामयाब होता है कि वो लड़की सिमोनिका नही है वही अब अंवतिका के बारे में सारी बारिंकिया गिनाने लगता है कि वो सिमोनिका नही बल्कि अंवतिका है.

प्रज्ञा और पूरा मेहरा परिवार इस बात को सुनकर सकते में आ जाता है उन लोगो को अचानक बाजी बदली सी नजर आने लगती है. अब तक अभि की रिहाई का ख्वाब देखने वाली मेहरा फैमली को लगने लगता है कि कहीं घर प्राप्रर्टी के साथ अभि को भी ना वो लोग खो दे. अभि को फंसा मासूम सी दिखने वाली अंवतिका की क्या ये कोई चाल है. क्या अवंतिका ही सिमोनिका है. या फिर सच में ये है अभि और प्रज्ञा का बैड लक.

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