KBC 18: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के छोटे से गांव महाखोरी (उड़वा) में इन दिनों खुशी का माहौल है. गांव के रहने वाले चंद्रप्रकाश तिवारी ने अपनी मेहनत, ज्ञान और आत्मविश्वास के दम पर टीवी के चर्चित क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) की हॉट सीट तक पहुंचकर पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींचा है. मुंबई में सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का काम करने वाले चंद्रप्रकाश अब महानायक अमिताभ बच्चन के सामने KBC की हॉट सीट पर सवालों के जवाब देते नजर आएंगे. उनके इस खास सफर का एपिसोड आज 2 अक्टूबर की रात 9 बजे सोनी टीवी पर प्रसारित होगा, जिसे लेकर उनके गांव से लेकर पूरे प्रतापगढ़ में खास उत्साह है.
साधारण परिवार से निकलकर मुंबई में रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करने वाले चंद्रप्रकाश ने काम के साथ पढ़ाई और जनरल नॉलेज से अपना रिश्ता नहीं छोड़ा. दिनभर तकनीकी काम और उसके बाद तैयारी—इसी मेहनत ने उन्हें गांव की गलियों से KBC के मंच तक पहुंचाया. जैसे ही उनके हॉट सीट तक पहुंचने की खबर गांव पहुंची, युवाओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया.
छोटे गांव से मुंबई तक का संघर्षमय सफर
चंद्रप्रकाश तिवारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. प्रतापगढ़ के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले चंद्रप्रकाश ने अपनी आजीविका चलाने के लिए मुंबई का रुख किया और वहां सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का काम करने लगे. लेकिन उनके भीतर पढ़ाई और ज्ञान हासिल करने की भूख हमेशा ज़िंदा रही. दिनभर तकनीकी काम करने के बाद वे रात में अपनी तैयारी और जनरल नॉलेज को मजबूत करते थे.
हॉट सीट पर महानायक के सामने दिखा आत्मविश्वास
KBC के मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता. लाखों-करोड़ों लोग इस शो के लिए कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही भाग्यशाली और प्रबुद्ध लोग हॉट सीट तक पहुंच पाते हैं. चंद्रप्रकाश ने अपने गज़ब के आत्मविश्वास और ज्ञान के बूते अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठकर सवालों के जवाब दिए. ‘बिग बी’ के साथ उनकी बातचीत और शो का यह रोमांचक एपिसोड आज रात 9 बजे सोनी चैनल पर प्रसारित होगा. सेट पर उनके कूल अंदाज़ और तेज दिमाग को देखकर वहां मौजूद सभी लोग प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके.
गांव और पूरे प्रतापगढ़ में छाई जश्न की लहर
जैसे ही महाखोरी (उड़वा) गांव के लोगों को यह पता चला कि उनका गांव का बेटा देश के सबसे बड़े रियलिटी शो की शान बनने जा रहा है, पूरा गांव खुशी से झूम उठा. युवाओं ने इसे अपनी जीत मानते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और बधाइयां दीं. ग्रामीणों का कहना है कि चंद्रप्रकाश बचपन से ही पढ़ाई में कुशाग्र और बेहद मेहनती रहे हैं. उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार का बल्कि पूरे प्रतापगढ़ ज़िले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने चंद्रप्रकाश
आज चंद्रप्रकाश तिवारी उन हज़ारों-लाखों युवाओं के लिए एक रोल मॉडल बन चुके हैं जो छोटे कस्बों और गांवों में रहकर बड़े सपने देखते हैं. उनकी यह कहानी साबित करती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती. संसाधनों की कमी के बावजूद यदि दृढ़ संकल्प हो, तो हर मंजिल को हासिल किया जा सकता है. चंद्रप्रकाश की सफलता ने यह यकीन दिला दिया है कि सही दिशा में की गई कोशिशें इंसान को फर्श से अर्श तक पहुंचा सकती हैं.
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