KBC 18: कौन बनेगा करोड़पति (KBC) का मंच हमेशा से भावनाओं और अनकहे किस्सों का गवाह रहा है. हाल ही में शो के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने महानायक अमिताभ बच्चन को भावुक कर दिया. जब दिल्ली से आए एक कंटेस्टेंट चंद्र प्रकाश तिवारी ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले का जिक्र किया, तो बिग बी का दिल अपने पैतृक गांव बाबूपट्टी की यादों से भर आया. यह वही ऐतिहासिक जगह है जहां उनके पिता और महान कवि हरिवंश राय बच्चन ने अपना बचपन बिताया था. चंद्र प्रकाश ने जब अपने गांव और प्रतापगढ़ के बारे में बताया, तो अमिताभ का चेहरा खुशी और अपनेपन से चमक उठा. लेकिन इस बातचीत के दौरान एक ऐसी बात भी सामने आई जिसने महफिल में थोड़ा सा गंभीर मोड़ ले लिया. महानायक ने हाथ जोड़कर सार्वजनिक रूप से अपने गांव वालों से माफी मांगी और स्वीकार किया कि वे लोग उनसे नाराज हैं.
पैतृक गांव के साथ एक अधूरा वादा, और गांव वालों की नाराजगी
बिग बी ने कैमरे पर खुलकर बताया कि क्यों प्रतापगढ़ के लोग उनसे खफा हैं. उन्होंने एक पुराना किस्सा साझा करते हुए बताया कि कुछ समय पहले उनकी पत्नी जया बच्चन बाबूपट्टी गांव गई थीं. वहां के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए एक शानदार लाइब्रेरी (पुस्तकालय) खोलने का वादा किया गया था. इस वादे के तहत गांव में लाइब्रेरी के लिए एक शानदार इमारत का निर्माण भी कराया जा चुका है, लेकिन बदकिस्मती से अब तक उस इमारत में किताबें नहीं पहुंच पाई हैं और वह वीरान पड़ी है. अमिताभ ने माना कि गांव वालों का गुस्सा बिल्कुल जायज है, क्योंकि वे काम पूरा नहीं कर पाए.
जब बीग बी को सताया पैतृक गांव की डांट का डर
इस पूरे इमोशनल माहौल के बीच कंटेस्टेंट चंद्र प्रकाश तिवारी ने हॉट सीट पर बेहतरीन खेल दिखाया. ‘दिल्ली की आंख’ यानी सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करने वाले चंद्र प्रकाश ने अमिताभ के साथ खूब हंसी-मजाक किया. बिग बी ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर वह अच्छा नहीं खेले, तो बाबूपट्टी के लोग उन्हें और ज्यादा डांटेंगे. हालांकि, 11वें सवाल पर आकर रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु से जुड़े प्रश्न में वे अटक गए और 50-50 लाइफलाइन होने के बावजूद सही जवाब नहीं दे पाए. इसके चलते वे सिर्फ 5 लाख रुपए ही जीत सके, लेकिन उनके गांव में इस बात का जश्न मनाया गया.
जल्द पूरी होगी बाबूपट्टी के बच्चों की आस
शो के अंत में अमिताभ बच्चन ने अपनी गलती सुधारने का पक्का इरादा जताया. उन्होंने कंटेस्टेंट चंद्र प्रकाश को निर्देश दिया कि वह गांव जाकर उनके इस संदेश को फैलाएं. बिग बी ने वादा किया कि अब इस काम में कोई रुकावट नहीं आएगी और वे जल्द ही उस खाली पड़ी इमारत को किताबों और जरूरी संसाधनों से भर देंगे. इस घोषणा से न सिर्फ बाबूपट्टी के बच्चों का भविष्य संवरेगा, बल्कि महानायक और उनके पैतृक गांव के बीच की दूरी भी हमेशा के लिए मिट जाएगी.