नई दिल्ली: Ishq Mein Marjawan 10 September 2018 Full Episode Written Updates:

7.30 अंजली समझ नही पाती है कि तारा और विराट दोनो ही उसके कमरे में आए थे किसी ने उसपर गोली भी चलाई थी लेकिन वो समझ नही पाती है कि किसने उसे मारने की कोशीश की है. वहीं तारा भी समझ नही पाती है कि उसका निशाना कभी नही चूकता है फिर कैसे अंजली उसके निशाने से बच गई वो समझ जाती है कि हो ना हो दीप ने ही अंजली को बचाया होगा. वो रोने लगती है. अचानक वहां विराट आ जाता है विराट तारा से पूछता है कि वो रो क्यों रही है. 

7.35 पागल तारा एक बार फिर पागलों सी हो जाती है वो विराट से कहती है कि उसे कभी किसी ने कोई प्यार नही किया है. मां को पैसों से प्यार था, पिता अपाहिज और भाई भी उसे जेल भेजना चाहता है. लेकिन दीप ने उसे हमेशा समझा. जब सब उसे पागल कहते थे तब दीप ने ही उसके सामने दोस्ती का हाथ बढ़ाया था लेकिन आज दीप भी किसी और से प्यार का खेल खेल रहा है. 

7.40 घर में दीप गणेशजी की मुर्ति लेकर आता है वो चाहता है कि घर में गणपति विराजमान कराए. आरोही पूजा की सारी तैयारी करती है. वहीं पूजारी के रूप में वहां वो रिपोर्टर आता है जो उनके घर मीडिया कर्मी बनकर आता रहा है. वो घरवालों को बताता है कि वो पेशे से भले ही पत्रकार हो लेकिन उसके पिता पूजारी थे और वो भी पूजारी है. 

7.45 तारा दीप से पूछती है कि वो रात में कहां था. लेकिन दीप उसे कहता है कि वो पूजा में ध्यान लगाए. पंडित तारा को गणेश जी का मुकुट देते हैं लेकिन वो उसके हाथ से टूट जाता है.अारोही तारा से लेकर उस मुकुट को जोड़ने जाती है. दीप भी आरोही के पीछे जाता है वो उसे कहता है कि उसे भी टूटी चिज पंसद नही है ऐसे में वो दोनो एक जैसे ही है. लेकिन आरोही दीप को कहती है कि वो दोनो भले दी एक जैसे हो पर वो नदी के उन दो किनारों जैसे हैं जो कभी नही मिल सकते हैं. 

7.50 विराज तारा और दीप को साथ में देख लेता है. आरती शुरू होने वाली होती है पंडित सारे घरवालों को एक जगह आने के लिये कहते हैं लेकिन तारा आरोही को कहती है कि वो उनकी फैमली का हिस्सा नही है. ऐसे में वो उन लोगो के साथ पूजा नही कर सकती है अच्छा हो की वो पीछे खड़े होकर आरती करे. 

7.55 विराट भी तारा की तरह ही अंजली से पूछता है कि वो रात में कहां थी. लेकिन अंजली उल्टा उसपर सवाल करती है कि उसने उसे तारा की असलियत सामने लाने के लिये कहा था वो उसने अब तक नही किया. वो उसे कहती है कि उसे उसके बारे में कुछ भी पूछने का कोई हक नही है. 

8. घर में जो रिपोर्टर पंडित बनकर आता है वो आरोही को अकेले में उसके नाम से पूकारता है. आरोही उसे कहती है कि वो आरोही नही बल्कि अंजली है लेकिन वो उसे एक चिट्ठी देकर कहता है कि वो उसे उसके मां पापा तक पहुंचा सकता है और उस चिट्ठी में सब लिखा है. लेकिन जैसे ही आरोही उसे खोलती है तारा वो चिट्ठी आरोही के हाथ से छीन लेती है.