बॉलीवुड डेस्क, मुंबई. परिणीता, एकलव्य जैसी फिल्में बनाने वाले प्रदीप सरकार ने जब इस मूवी को डायरेक्टर करने का प्लान किया तो लोकेशन छोड़कर सब कुछ बंगाली कर दिया। काजोल भी मूल रुप से है बंगाली थी हीं, उनके दादा, पिता बंगाली थे, इस फिल्म का हीरो तोता राय चौधरी भी बंगाली चुना गया, और दूसरा हीरो यानी काजोल के बेटे का रोल करने वाला भी एक्टर बंगाली ही है-रिद्धि सेन। ऐसे में फिल्म या तो काजोल के फैंस के लिए है, या फिर प्रदीप सरकार के फैंस के लिए, या फिर सिंगल मदर्स के लिए या उन लोगों के लिए जो वीकेंड पर एक कूल सी मूवी की तलाश में हैं।

कहानी है एक ऐसी युवती ईला (काजोल) की जो सिंगर बनना चाहती है, उसे एक रीमिक्स गाना मिल भी जाता है। लेकिन फिर मौके नहीं मिलती तो वो अपने बॉय फ्रेंड अरुण (तोता रॉय) से शादी कर लेती है। लेकिन एक दिन अचानक वो कहीं चला जाता है, अरुण की मां और अरुण के बेटे के साथ साथ ईला को भी लगता है कि उसकी मौत हो गई है। अब आती है असली कहानी कि कैसे अकेली ईला के लिए बेटा विवान (रिद्धि सेन) ही सब कुछ हो जाता है, वो उसके साथ ज्यादा से ज्यादा समय काटना चाहती है, उसके हर काम में इनवॉल्ब होना चाहती है। याहां तक कि खाली वक्त में उसी की क्लास मे एडमीशन ले लेती है और फिर उसके और उसके दोस्तों के अफेयर्स में अनजाने में दखल देती है, तो विवान नाराज हो जाता है और घर से चला जाता है।

वो अपनी मां को समझाता है कि मुझे छोड़कर अपने कैरियर पर ध्यान लगाओ, ऐसे में फिर से एंट्री होती है उसके फादर अरुण की। उसके बाद के क्लाइमेक्स के लिए आपको मूवी देखनी पड़ेगी। लेकिन फिल्म एक सिंगल मदर के नजरिए से बनाई गई है कि कैसे उसके लिए उसकी जिंदगी की धुरी उसका बच्चा बन जाता है, लेकिन बच्चे की अपनी जिंदगी है। फिल्म पूरी तरह काजोल के फैंस के लिए ही है, काजोल इसमें डीडीएलजे वाले मोड में भी दिखती हैं और एक स्मार्ट मां के तौर पर भी। काजोल ने अपने लुक, फिगर और कॉस्टयूम पर इस मूवी में काफी मेहनत की है, एक्टिंग तो उनकी कमाल है ही, उनके फैंस निराश नहीं होंगे।

मूवी को चर्चा दिलाने के लिए इस मूवी में अमिताभ बच्चन से लेकर, अनु मलिक, महेश भट्ट, ईला अरुण, शान जैसे तमाम चेहरों ने कैमियो रोल किए हैं। लेकिन फिल्म पूरी तरह से काजोल और रिद्धि सेन की है। काजोल ने हीरो के लिए भी स्पेस नहीं छोड़ा है और ये अखरता भी है क्योंकि काजोल को बिधवा दिखाते तो काजोल मस्ती के मूड में नहीं रह पातीं और हीरो की मूवी में जरुरत नहीं है। ऐसे में हीरो को गायब करना ही अच्छा था॰ लेकिन लॉजिक थोड़ा अजीब था।

फिल्म की एक और दिलचस्प बात है उसका म्यूजिक, कुछ गाने वाकई में अच्छे बन पड़े हैं और अच्छा म्यूजिक प्रदीप सरकार की खासियत है भी। ऐसे में अगर वीकेंड पर आप हलकी फुलकी इमोशनल फैमिली मूवी देखना चाहें तो आपके लिए हैलीकॉप्टर ईला एक अच्छी च्वॉइस हो सकती है.

स्टार रेटिंग- 3/5

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