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फिल्म- भारत भाग्य विधाता
कलाकार- कंगना रनौत , गिरिजा ओक , स्मिता तांबे , आशा शेलार , प्रिया अर्जुन बेर्डे , जाहिद खान और सुहिता थट्टे.
निर्देशक- मनोज तापड़िया
रेटिंग- 3/5
मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी फिल्म ‘भारत भाग्य विद्धता’ मुंबई हमलों के उस पहलू पर आधारित है. इस घटना पर बनी ज्यादातर फिल्में और कहानियां ताज होटल या लियोपोल्ड कैफ़े के इर्द-गिर्द घूमती हैं, लेकिन यह फिल्म कामा अस्पताल पर केंद्रित है. चलिए जानते हैं कि आपको यह फिल्म देखनी चाहिए या नहीं.
क्या है फिल्म की कहानी?
यह फिल्म उन गुमनाम नर्सों को समर्पित है, जिन्होंने 26 नवंबर, 2008 की रात को मुंबई के कामा अस्पताल पर हमला करने वाले अजमल कसाब सहित लश्कर-ए-तैबा के दो आतंकवादियों के खिलाफ आवाज उठाई थी. फिल्म की कहानी में गीता माधव (कंगना रनौत) नर्स हैं, वो अपनी टीम के सदस्यों को काम के प्रेशर के वक्त भी कूल रखती हैं. लेकिन एक रात सबकुछ अचानक बदल जाता है, जब आंतकवादियों का हमला हो जाता है. फिर अस्पताल में मौजूद नर्सों का संघर्ष शुरू होता है, जो मरीजों की जान बचाने के लिए किसी भी हद तक जाती हैं. इसी आधार पर फिल्म की कहानी चलती है.
कैसी है एक्टिंग?
फिल्म में कंगना रनौत का अभिनय काफी प्रभावशाली है. उन्होंने गीता के किरदार को सरल और सच्चे अंदाज में पर्दे पर उतारा है, जिससे दर्शक उनके किरदार से आसानी से जुड़ पाते हैं. इसके अलावा अन्य कलाकारों को भी भरपूर स्क्रीन मिली है. हालांकि कुछ जगह लगता है कि एक्टिंग और अच्छी हो सकती थी.
डायरेक्शन कैसा है?
अगर मनोज तापड़िया के निर्देशन की बात करें, तो इस फिल्म का कॉन्सेप्ट अच्छा है. लेकिन ऐसा लगता है कि 26/11 की घटना को और प्रभावशाली ढंग से दिखाया जा सकता है, जिससे फिल्म और शानदार बन सकती थी. फिल्म को बहुत ही सामान्य तरीके से पेश किया गया है.
फिल्म देखें या नहीं?
अगर आप कंगना रनौत के फैन हैं, तो यह फिल्म देखने जा सकते हैं. वहीं यह फिल्म 26/11 के उन छिपे लोगों की कहानी है, जिन्होंने लोगों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इसके अलावा अगर आप फिल्म में हर पल रोमांच के शौकीन हैं, तो ये आपको निराश कर सकती है.
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