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‘खून से लथपथ थी पिता की वर्दी’, जंतर-मंतर हिंसा को याद कर भावुक हुई पुलिसकर्मी की बेटी, की ये मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में कई छात्र घायल हुए. साथ ही कई पुलिसकर्मिी भी इस दौरान घायल हुए थे. अब उनके परिवार वाले इंसाफ की गुहार लगाते हुए सामने आए हैं. उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों की दशा को नजरअंदाज किया जा रहा है.

By: Deepika Pandey | Published: July 31, 2026 3:10:20 PM IST



Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर अब घायल पुलिसकर्मियों के परिवार भी सामने आए हैं. शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों की तकलीफ पर ध्यान नहीं दिया गया. परिवारों का कहना था कि जहां छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. वहीं घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति और उनके परिवारों की परेशानी को नजरअंदाज किया जा रहा है.

परिवारों के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. इनमें जंतर-मंतर के अलावा पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस जैसे इलाके भी शामिल थे. इन घटनाओं में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कुछ का इलाज अभी भी चल रहा है.

‘पिता को घसीटकर बुरी तरह पीटा’

प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर की बेटी ने अपने पिता के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भीड़ ने उन्हें घसीटकर बुरी तरह पीटा. उनके मुताबिक, 25 जुलाई को जंतर-मंतर पर स्टेज के पास उनके पिता पर हमला हुआ और वह बेहोश हो गए थे. उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे उनके पिता को RML अस्पताल ले जाया गया, जहां वह करीब चार घंटे तक बेहोश रहे. उनकी वर्दी खून से पूरी तरह भीग गई थी और सिर पर चार टांके लगाए गए.

घायल हालत में घर लौटे पति

बेटी ने बताया कि पुलिस में आने से पहले उनके पिता करीब 15 साल तक भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि पिता को उस हालत में देखना पूरे परिवार के लिए बेहद डरावना और दर्दनाक था. 20 जुलाई को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल हुए एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस की पत्नी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जब उनके पति देर रात घायल हालत में घर लौटे, तो उन्हें उस स्थिति में देखना उनके और उनकी दो साल की बेटी के लिए बेहद दर्दनाक था. 

दोषियों पर हो कार्रवाई की मांग

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के कई अन्य कर्मचारियों के परिवार भी इस समय इसी तरह की परेशानियों से गुजर रहे हैं और उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए. एक अन्य घायल पुलिसकर्मी के रिश्तेदार ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाने या हिंसा फैलाने वालों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों का रिकॉर्ड जांच में साफ पाया जाए, उन्हें रिहा किया जाना चाहिए.

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