पणजी. बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के असहिष्णुता के मुद्दे पर दिए गए बयान के बाद देश में फिर से इस बहस ने जन्म ले लिया. आमिर के दिए बयान के बाद संगीतकार ए.आर. रहमान ने उनका समर्थन किया है और उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले उन्हें भी आमिर जैसे हालात का सामना करना पड़ा. 
 
पणजी में हो रहे 46वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्विटल ऑफ इंडिया में मौजूद थे. उन्होंने कहा कि मैं भी कुछ महीने पहले ऐसे ही हालात से गुजरा हूं. ईरानी फिल्म मौ. मैसेंजर ऑफ गॉड में म्यूजिक देने के कारण मेरे खिलाफ फतवा जारी हो गया था. यह फतवा मुंबई की रजा एकेडमी ने उनके खिलाफ जारी किया था. फतवे में कहा गया था कि ईरानी फिल्म इस्लाम का मजाक उड़ाती हैं. जो मुस्लिम फिल्म में काम कर रहे हैं, खासकर मजीदी और रहमान, वे नापाक हो गए हैं. उन्हें फिर से कलमा पढ़ने की जरूरत हैं
 
रहमान ने कहा कि कुछ भी हिंसक नहीं होना चाहिए. हम अल्ट्रा-सिविलाइज्ड लोग हैं. हमें दुनिया को यह दिखाना चाहिए कि भारत में बेस्ट सिविलाइजेशन है. हमें दुनिया को बताना चाहिए कि हम महात्मा गांधी की जमीन से ताल्लुक रखते हैं. गांधीजी ने बताया था कि हिंसा के बिना भी हम कैसे रिवॉल्यूशन ला सकते हैं.
 
बता दें कि पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए जाने वाले रामनाथ गोयनका अवॉर्ड समारोह में देश में बिगड़ते माहौल पर बॉलीवुड स्टार आमिर खान ने कहा है कि मेरी पत्नी किरण राव भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और वे इसकी वजह से देश छोड़ना चाहती हैं.
 

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