मुंबई. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की तरफ से हॉलीवुड फिल्म के मशहूर जासूस जेम्स बांड को ‘संस्कारी आदमी’ बताने पर कई हस्तियों ने सवाल उठाए हैं. जिससे इस फिल्म को लेकर सोशल साइट ‘ट्विटर’ पर नया विवाद खड़ा हो गया है.

फिल्म निर्माता शिरीष कुंदर, आशोक पंडित और लेखक चेतन भगत ने सेंसर बोर्ड पर सवाल उठाए है. अशोक पंडित ने ट्वीट पर लिखा है कि पहलाज निहलानी हमेशा खुद ही निर्णय लेते आए हैं, उनके रचनात्मककार्यो में मेरा कोई योगदान नहीं है. ‘स्पेक्टर’  अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई फिल्म है, जिसे पहलाज ने अपने विचारों द्वारा खराब कर दिया है.

अशोक पंडित ने ये भी लिखा है कि सीबीएफएस के चेयरमैन पहलाज निहलानी को किसी राजनीतिक दल के प्रवक्ता की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए. बता दें कि अशोक सीबीएफएस के सदस्य भी हैं.

शिरीष कुंदर का कहना है कि महिलाओं को सेंसर बोर्ड से बेहतर कोई नहीं जानता, उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि मोनिका बेलूसी को संतुष्ट करने के लिए जेम्स बांड को कितनी देर तक किस करना है. अब जेम्स बांड की अभिनेत्रियां सेंसर बोर्ड द्वारा उनकी इज्जत-आबरू बचाए जाने पर बेहद सुरक्षित महसूस कर रही हैं.

क्या है मामला ?

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने हॉलीवुड की 24वीं जेम्स बांड फिल्म ‘स्पेक्टर’ में अभिनेता डेनियल क्रैग और उनकी सह-अभिनेत्रियों के बीच फिल्माए गए किस सीन में काट-छांट कर दी है और कई अभद्र शब्दों को भी हटाया है.

क्या कहा सीबीएफसी ने ?

इस विवाद पर सीबीएफसी का कहना है  कि फिल्म में क्रेग, मोनिका और लिया सिडॉक्स की तरफ से निभाए गए किसिंग सीन्स बहुत ज्यादा लंबे थे, जिस वजह से इन्हें 50 प्रतिशत तक काटना पड़ा.

बता दें कि ट्विटर फेसबुक सहित कई सोशल साईट्स पर संस्कारी जेम्स बांड के हैशटैग के साथ बहुतायात में फिल्म प्रशंसकों ने सीबीएफएस की तरफ से दृश्यों को हटाने पर नाराजगी जताई है.

 

 

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