नई दिल्ली। कोरोना के लम्बे दौर के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके कॉलेज खुले तो विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली. दो महीने क्लास करने के बाद जब सेमेस्टर का अंत आया तो उनका मन फेयरवेल और मस्ती के लिए हिलोरे मारने लगा. उनकी यह मस्ती स्वाभाविक भी है, क्योंकि दो साल बाद आखिरकार कॉलेज में धूमधड़ाका आयोजन हो रहा है, जिसका उन्हें लम्बे समय से इंतजार था। ऐसा ही फेयरवेल आयोजन शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के रामलाल आनंद कॉलेज में हुआ. इस आयोजन के शुरुआत में हुई कुछ प्रस्तुतियों में देश के कई राज्यों की झलक दिखी तो प्राचार्य प्रो राकेश कुमार गुप्ता के सम्बोधन में आने वाले कल के लिए एक रूपरेखा देखने को मिली.

कुछ दिनों में कॉलेज करेगा एलुमनाई सम्मेलन का आयोजन-प्राचार्य

फेयरवेल समारोह में कॉलेज के सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को आमंत्रित किया गया.  समारोह में जूनियर विद्यार्थियों ने नृत्य और गायन की प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया. कार्यक्रम की शुरुआत शाम पांच बजे प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार गुप्ता के अभिभाषण से हुई. उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देकर महाविद्यालय का मान बढ़ाने के लिए 2022 बैच के छात्रों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह बैच महाविद्यालय का सबसे प्रिय बैच रहा. उन्होंने यह भी कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि सभी विद्यार्थी रामलाल आनंद कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का नाम अपने रिज्यूम में गर्व के साथ लिखेंगे. उन्होंने सूचना दी कि आने वाले कुछ दिनों में कॉलेज एलुमनाई सम्मेलन का आयोजन करेगा, जिसमें सभी तृतीय वर्ष के छात्र अपने सीनियर से मिलकर बातचीत कर सकेंगे और साथ ही विभिन्न कैरियर के अवसरों के बारे में जानेंगे.

प्रस्तुतियों में राष्ट्रीय स्तर की दिखी झलक

छात्रों के तीन साल के कॉलेज जीवन के दौरान बिताए गए खूबसूरत पलों को संजोने के लिए विदाई पार्टी का आयोजन किया गया. इस खूबसूरत पल का जश्न मनाने के लिए कार्यक्रम के दौरान कई सांस्कृतिक और मनोरंजक प्रस्तुतियां हुईं. कॉलेज की सिंगिंग सोसाइटी ‘दस्तूर’ के सदस्यों ने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली आवाज और राब्ता ‘आज जाने की ज़िद न करो, तुम से ही जैसे गीतों के शानदार चयन से समारोह में बैठे हर व्यक्ति का दिल मोह लिया. तृतीय वर्ष के छात्र जुनैद क़ादरी ने कॉलेज में अपने अनुभव के बारे में कविता सुनाई, जिससे मानो हर कोई कॉलेज में अपने दिनों के फ्लैशबैक में चला गया और फिर चारों तरफ माहौल भावुक हो गया. कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति को भी खूबसूरती से पेश किया गया. शास्त्रीय नृत्य सोसाइटी ने उत्कृष्ट तरीके से कृष्ण नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें राधा, कृष्ण और रुक्मणी की कथा को बताते हुए उन्होंने सभी दर्शकों का मनोरंजन किया. तृतीय वर्ष के छात्र ग़ाबीत नबी ने भावपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने पंजाबी गाना ‘दिल करता है तेनु देखते जावा’ गाया और उसने भीड़ में मौजूद हर व्यक्ति को पल भर में आनंदित कर दिया. कलेश बैंड ने ध्वनिक गीत ‘मोरे सैयां’ प्रस्तुत करते हुए माहौल बनाया. डांस सोसाइटी ने वेस्टर्न डांस करके दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया. तदोपरांत एंकरिंग सोसाइटी अंदाज़ के अध्यक्ष विशाल भोला ने प्राचार्य, आयोजन समिति, शिक्षकों, कलाकारों, स्टाफ सदस्यों और सभी छात्रों को कार्यक्रम के सफल समापन के लिए धन्यवाद दिया.

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