नई दिल्ली. कमाई के रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना चुकी बाहुबली फिल्म देखने के बाद से ही मॉनसून ट्रिप के लिए अगर आप उस झरने का पता खोज रहे हैं जिसे लांघकर फिल्म का नायक प्रभाष माहिस्मति राज्य तक पहुंचता है तो बस केरल का टिकट कटा लीजिए.

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बाहुबली में ग्राफिक्स और एनिमेशन का भरपूर इस्तेमाल तो हुआ है लेकिन फिल्म का बाहुबली जिस झरने के पास शिवलिंग उठाता है और शिव पर्वत पर जाने की कोशिश करता है वो झरना सचमुच का है और भारत के केरल राज्य में है.

केरल के त्रिशूर जिले के चलकुडी तालुका में अथिराप्पिल्ली पंचायत में स्थित इस झरने का नाम अथिराप्पिल्ली झरना है. इसी झरने पर बाहुबली का शुरुआती हिस्सा फिल्माया गया है जब तक कि फिल्म का हीरो शिव पर्वत पर चढ़कर माहिस्मति राज्य में न पहुंच जाए.

भारत का नियाग्रा है अथिराप्पिल्ली झरना

अथिराप्पिल्ली झरना चलकुडी रेलवे स्टेशन से करीब 30 किलोमीटर दूर है जबकि अगर हवाई जहाज से जाएं तो कोच्चि एयरपोर्ट पर उतरने के बाद तकरीबन 55 किलोमीटर का सफर है. त्रिशूर शहर से झरना की दूरी करीब 58 किलोमीटर है. तमिलनाडु और केरल के बीच हाइवे किनारे बसे इस इलाके में घने-घने जंगल हैं जिसमें बाघ, तेंदुआ, सांभर समेत कई जंगली जानवर पाए जाते हैं.

भारत का नियाग्रा माने जाने वाला अथिराप्पिल्ली झरना चलकुडी नदी के बहाव से बना है. इस झरने की ऊंचाई 80 फीट है और चौड़ाई करीब 330 फीट. ऊपर से पानी की मोटी-मोटी चार धाराएं नीचे गिरती हैं और सतह पर व्यापक फैलाव से पूरा दृश्य विहंगम बन जाता है.

अथिराप्पिल्ली झरना का वीडियो

 

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