मुंबई. मुंबई हाईकोर्ट ने बालीवुड अभिनेता आमिर खान और स्टार टेलीविजन से उनके कार्यक्रम में ‘सत्यमेव जयते’ शब्द के इस्तेमाल के लिए जवाब मांगा है. कोर्ट ने यह कार्यवाई एक सामाजिक कार्यकर्ता की उस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की है जिसमें ‘सत्यमेव जयते’ शब्द के इस्तेमाल के लिए आपत्ति जताई गई है.
 
समाजिक कार्यकर्ता मनोरंजन राय का कहना है कि ‘सत्यमेव जयते’ शब्द भारत के प्रतीक चिह्न का हिस्सा है और इसलिए उसका इस्तेमाल करना भारतीय राज्य प्रतीक चिह्न (निषेध एवं अनुचित इस्तेमाल) कानून और भारतीय राज्य प्रतीक चिह्न (उपयोग एवं नियमन) के तहत उल्लंघन है.
 
गृह मंत्रालय का क्या है कहना ?
 
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस याचिका के जवाब में कहा है कि सत्यमेव जयते शब्द का इस्तेमाल करने से कानून एवं नियमों का उल्लंघन नहीं होता है. मंत्रालय के  सेक्रेटरी प्रदीप पांडेय ने अपने हलफनामे में कहा है, ‘कानून और नियमों के मुताबिक देश के पूरे प्रतीक चिह्न का गलत इस्तेमाल मना है. लेकिन शब्द ‘सत्यमेव जयते’ का टेलीविजन प्रोग्राम में इस्तेमाल कानून का वॉयलेशन नहीं है’.
 
क्या कहा कोर्ट ने ?
 
कोर्ट ने गृह मंत्रालय के रुख पर जवाब देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में कोई शब्दों को छोड़कर पूरे प्रतीक चिह्न का इस्तेमाल करता है तो क्या तब भी केंद्र यही जवाब देगा.
 
कोर्ट ने अभिनेता आमिर खान और स्टार टीवी को इस मामले में एफिडेविट दायर करने के लिए 20 अप्रैल तक का समय दिया है. 

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