मुंबई. बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के 13 साल पुराने ‘हिट एंड रन’ मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.डब्ल्यू. देशपांडे छह मई को फैसला सुनाएंगे. इस मामले में एक दिन पहले यानी सोमवार को विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरात के नेतृत्व वाले अभियोजन पक्ष और श्रीकांत शिवड़े के नेतृत्व वाले बचाव पक्ष ने अपनी बहस पूरी की. बता दें कि 28 सितंबर, 2002 को सलमान ने मुंबई के बांद्रा इलाके में अपनी कार से पटरी पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया था, जिनमें से नुरुल्ला महबूब शरीफ की मौत हो गई थी और चार अन्य -मुन्ना मलाई खान, कलीम मोहम्मद पठान, अब्दुल्ला रउफ शेख एवं मुस्लिम शेख घायल हो गए थे.

सलमान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304-दो (गैर इरादतन हत्या), धारा 279(तेज रफ्तार एवं लापरवाही से ड्राइविंग), धारा 337 व 338 (जान जोखिम में डालना व गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 427(गलत हरकत से संपत्ति को नुकसान) के तहत आरोप तय किए गए हैं. इन सभी धाराओं में अलग-अलग सजा का प्रावधान है. इसके अलावा उन पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 34 ए, बी के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 181(नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाना) व 185 (नशे में तेज रफ्तार वाहन चलाना) और बांबे प्रोहिबिशन एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं. इनमें भी अलग-अलग सजा का प्रावधान है.

IANS

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