Monday, October 3, 2022

UP Elections 2022: लखनऊ कैंट सीट की लड़ाई प्रतिष्ठा पर आई, ब्राह्मण, दलित और सिख वोटर तय करेंगे जीत-हार

UP Elections 2022:

लखनऊ, UP Elections 2022: उत्तर प्रदेश की लखनऊ कैंट विधानसभा इस समय हॉट सीट बनी हुई है, लखनऊ कैंट सीट पर सबसे ज्यादा सियासत गर्मा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले ही लखनऊ कैंट सीट सुर्खियों में आ गई थी, जब यहां विभिन्न दलों के नेता टिकट के लिए होड़ करते नजर आए थे. यहाँ तक की इसी सीट के लिए मुलायम सिंह यादव की बहु अपर्णा यादव ने सपा छोड़ भाजपा का दामन थामा था हालांकि यहाँ से भाजपा ने भी उन्हें टिकट नहीं दिया है.

लखनऊ कैंट सीट का सियासी समीकरण

भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने भी अपने बेटे मयंक जोशी के लिए लखनऊ कैंट सीट पर टिकट की पैरवी की थी, लेकिन असफल रहीं. इसके बाद भाजपा ने योगी कैबिनेट में मंत्री रहे बृजेश पाठक को यहाँ से उम्मीदवार बनाया है, जो अपनी लखनऊ सेंट्रल सीट से यहाँ शिफ्ट हो गए साथ ही भाजपा ने मौजूदा विधायक सुरेश तिवारी को टिकट देने से इनकार कर दिया. बता दें पाठक ने लखनऊ सेंट्रल सात से 2017 का चुनाव केवल 5000 मतों के अंतर से जीता था. बड़ी बात यहा है कि साल 1991 से अब तक सिर्फ साल 2012 में ही कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी ने यहाँ बीजेपी को हराया था. इसके अलावा हर चुनाव में लखनऊ कैंट सीट पर बीजेपी का ही परचम लहराया है ऐसे में अब लखनऊ कैंट सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है.

इसलिए प्रतिष्ठा का केंद्र है लखनऊ कैंट सीट

उत्तर प्रदेश में लखनऊ कैंट सीट को प्रतिष्ठित माना जाता है, क्योंकि इसमें राज्य की राजधानी के व्यापारिक केंद्र शामिल हैं. इसकी मिश्रित आबादी 6.3 लाख है, जिसमें रक्षा दिग्गज, ब्राह्मण, दलित, सिख और बड़ी संख्या में उत्तराखंड के लोग आते हैं. गत वर्षों में इस सीट पर भाजपा का ही दबदबा रहा है. इस बार भाजपा ने बृजेश पाठक को यहाँ से उम्मीदवार बनाया है तो वहीं, सपा, बसपा और कांग्रेस ने स्थानीय कारोबारियों को टिकट दिया है.

 

यह भी पढ़ें:

Uttarakhand: उत्तराखंड में दर्दनाक सड़क हादसा, बस के खाई में गिरने से 14 की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक

12th President’s Fleet Review Program : विशाखापत्तनम में 12वें प्रेसिडेंट फ्लीट रिव्यू का आयोजन, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की 60 पोत, पनडुब्बियां व 55 विमानों की समीक्षा

Latest news