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School Tuition Fee: प्राइवेट स्कूल पर सरकार सख्त, अब नोटिस बोर्ड पर दिखानी होगी फीस, नियम तोड़े तो मान्यता रद्द

School Tuition Fee: तमिलनाडु सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूलों को फीस बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया है. ज्यादा फीस वसूली पर मान्यता रद्द करने तक की चेतावनी दी गई है.

By: Munna Verma | Published: May 31, 2026 6:52:49 PM IST



School Tuition Fee: तमिलनाडु सरकार ने निजी स्कूलों में फीस पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त आदेश जारी किया है. नए निर्देशों के अनुसार अब राज्य के सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी निर्धारित ट्यूशन फीस को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा. सरकार का यह कदम लगातार मिल रही उन शिकायतों के बाद आया है, जिनमें अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि कई स्कूल तय सीमा से अधिक फीस वसूल रहे हैं.

स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, तमिलनाडु के सभी सरकारी और निजी स्कूल 4 जून से नए शैक्षणिक सत्र के लिए फिर से खुलेंगे. इसी के साथ सभी निजी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार द्वारा निर्धारित फीस संरचना का पालन करें और किसी भी प्रकार की अतिरिक्त या छिपी हुई फीस वसूलने से बचें. अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी स्कूल निर्धारित सीमा से अधिक फीस लेता पाया गया, तो उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है. यह कदम शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिया गया है.

13,000 से अधिक स्कूलों पर लागू होगा नियम

राज्य में वर्तमान में 13,000 से अधिक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं. सभी को इस नए नियम का पालन करना अनिवार्य किया गया है. शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल किसी भी प्रकार की “छिपी हुई एडमिशन फीस” या अनावश्यक चार्ज अभिभावकों से नहीं ले सकते. सरकार का कहना है कि कई स्कूलों द्वारा प्रवेश के समय अलग-अलग नामों से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। अब ऐसे सभी तरीकों पर रोक लगाने की तैयारी है.

फीस निर्धारण समिति की भूमिका

सरकारी नियमों के अनुसार, तमिलनाडु स्कूल (फीस वसूली का विनियमन) संशोधन अधिनियम के तहत एक विशेष समिति कार्य करती है. इस समिति में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होते हैं, जो विभिन्न मानकों के आधार पर स्कूलों की फीस तय करते हैं. इसी निर्धारित फीस ढांचे का पालन करना सभी निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा.

अभिभावकों के लिए शिकायत का अधिकार

अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी अभिभावक को लगता है कि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन कर रहा है या अधिक फीस वसूल रहा है, तो वे सीधे शिक्षा विभाग से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सरकार का यह कदम राज्य में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और अभिभावक-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.

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