Home > बिज़नेस > Success Story: पिता चलाते थे किराना दुकान, 65 रुपये मंथली सैलरी वाली की नौकरी, अब 20000 करोड़ के हैं मालिक

Success Story: पिता चलाते थे किराना दुकान, 65 रुपये मंथली सैलरी वाली की नौकरी, अब 20000 करोड़ के हैं मालिक

Success Story: 65 रुपये की नौकरी से शुरुआत करने वाले आरजी चंद्रमोगन ने संघर्ष, मेहनत और दूरदर्शिता से Hatsun Agro Products को हजारों करोड़ की कंपनी बना दिया.

By: Munna Verma | Published: July 26, 2026 12:37:22 PM IST



Success Story: सफलता हमेशा बड़ी शुरुआत की मोहताज नहीं होती। कई बार छोटे-छोटे कदम और बड़ा विजन इंसान को ऐसी ऊंचाइयों तक पहुंचा देते हैं, जिसकी कल्पना भी मुश्किल होती है. हैटसन एग्रो प्रोडक्ट्स (Hatsun Agro Products) के संस्थापक आरजी चंद्रमोगन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. एक समय ऐसा था जब वे मात्र 65 रुपये महीने की नौकरी करते थे, लेकिन आज उनकी कंपनी का बाजार मूल्य करीब 20,000 करोड़ है और उनका नाम देश के सफल उद्योगपतियों में गिना जाता है.

तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में जन्मे आरजी चंद्रमोगन का बचपन बेहद सामान्य परिस्थितियों में बीता. उनके पिता ने 1956 में चेन्नई में एक किराना दुकान शुरू की थी, लेकिन कुछ वर्षों बाद यह कारोबार बंद हो गया. परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा और उन्हें अपने गांव लौटना पड़ा. यही अनुभव चंद्रमोगन के लिए पहला बिजनेस सबक साबित हुआ. उन्होंने समझ लिया कि सफलता का रास्ता आसान नहीं होता और असफलता भी सीखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

पढ़ाई में असफल, लेकिन हौसले में नहीं

आरजी चंद्रमोगन ने कॉलेज में दाखिला तो लिया, लेकिन गणित विषय में असफल होने के कारण पढ़ाई पूरी नहीं कर सके. इसके बाद उनके पिता ने उन्हें विल्लुपुरम के एक टिंबर डिपो में अप्रेंटिस की नौकरी दिलाई, जहां उन्हें 65 रुपये प्रति माह वेतन मिलता था. इस नौकरी ने उन्हें मेहनत, अनुशासन और ग्राहकों से व्यवहार करना सिखाया. हालांकि, उनके मन में हमेशा अपना कारोबार शुरू करने का सपना था.

पारिवारिक जमीन बेचकर शुरू किया पहला कारोबार

नौकरी छोड़ने के बाद चंद्रमोगन चेन्नई लौटे. उनके पिता ने उन पर भरोसा जताते हुए परिवार की पुश्तैनी जमीन 13,000 में बेच दी और यही रकम उनके पहले बिजनेस की पूंजी बनी. साल 1970 में उन्होंने चेन्नई के रोयापुरम में एक छोटी-सी जगह किराए पर लेकर आइसक्रीम बनाने का काम शुरू किया. उन्होंने अपने ब्रांड का नाम “अरुण” रखा. शुरुआत में वे खुद ठेले पर आइसक्रीम बेचते थे और ग्राहकों तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत करते रहे.

आइसक्रीम से डेयरी कारोबार की ओर बड़ा फैसला

लगभग एक दशक तक आइसक्रीम कारोबार करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि असली संभावनाएं डेयरी सेक्टर में हैं. इसके बाद उन्होंने दूध की प्रोसेसिंग शुरू की और धीरे-धीरे मक्खन, घी, दही और अन्य डेयरी उत्पादों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया. उन्होंने केवल उत्पाद नहीं बेचे, बल्कि किसानों, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं का मजबूत नेटवर्क तैयार किया. यही रणनीति आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी.

आज ₹20,000 करोड़ की कंपनी के मालिक

आज Hatsun Agro Products भारत की सबसे बड़ी निजी डेयरी कंपनियों में शामिल है. जुलाई 2026 तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 20,000 करोड़ बताया जाता है. वहीं, विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार आरजी चंद्रमोगन की कुल संपत्ति अरबों डॉलर में पहुंच चुकी है. उन्हें डेयरी उद्योग में उल्लेखनीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं.

इस सफलता की कहानी से क्या सीख मिलती है?

आरजी चंद्रमोगन की यात्रा बताती है कि सफलता के लिए बड़ी डिग्री या पारिवारिक विरासत जरूरी नहीं होती. स्पष्ट लक्ष्य, धैर्य, लगातार मेहनत और सही समय पर लिया गया फैसला किसी भी व्यक्ति की जिंदगी बदल सकता है. उन्होंने एक छोटी आइसक्रीम यूनिट से शुरुआत की, लेकिन समय के साथ बाजार की जरूरत को समझते हुए अपने कारोबार का विस्तार किया. यही दूरदर्शिता उन्हें देश के सबसे सफल उद्यमियों की सूची में ले आई.

RG Chandramogan Success Story उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखने का साहस रखते हैं. 65 रुपये की नौकरी से शुरू हुआ यह सफर आज हजारों करोड़ रुपये की कंपनी तक पहुंच चुका है. उनकी कहानी यह साबित करती है कि सफलता की असली कुंजी मेहनत, धैर्य और सही दिशा में लगातार प्रयास करना है.

ये भी पढ़ें…

UP Board Exam 2027: यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन शुरू, इस दिन तक भरें फॉर्म, जानें फीस और पूरा शेड्यूल
Indian Air Force MTS Vacancy: एयरफोर्स में 10वीं पास के लिए नौकरी पाने का मौका, आवेदन करने की कल है अंतिम डेट

Advertisement