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Success Story: 6वीं में फेल होकर छोड़ी पढ़ाई, फिर खेतों में करने लगे मजदूरी, आज 4000 करोड़ की कंपनी के हैं CEO

Success Story: पीसी मुस्तफा की कहानी बताती है कि असफलता सफलता की राह रोक नहीं सकती. 6वीं में फेल होकर खेतों में मजदूरी करने वाले मुस्तफा आज 4,000 करोड़ रुपये की कंपनी iD Fresh Food के CEO हैं.

By: Munna Verma | Published: August 3, 2026 11:08:29 AM IST



Success Story: किसी भी परीक्षा में असफल होना जीवन की अंतिम मंजिल नहीं होता. अगर दृढ़ इच्छाशक्ति, सही मार्गदर्शन और मेहनत साथ हो तो कोई भी व्यक्ति अपनी किस्मत बदल सकता है. PC Musthafa Success Story इसी बात का जीवंत उदाहरण है. केरल के एक छोटे से गांव में गरीबी में पले-बढ़े मुस्तफा कभी 6वीं कक्षा में फेल हो गए थे और पढ़ाई छोड़कर खेतों में मजदूरी करने लगे थे. लेकिन आज वही मुस्तफा करीब 4,000 करोड़ रुपये मूल्य वाली iD Fresh Food कंपनी के को-फाउंडर और CEO हैं.

पीसी मुस्तफा का जन्म केरल के वायनाड जिले के चेन्नालोड गांव में एक बेहद साधारण परिवार में हुआ. उनके पिता अदरक के खेतों में दिहाड़ी मजदूर थे और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. इसी बीच मुस्तफा 6वीं कक्षा में असफल हो गए. इसके बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और पिता के साथ खेतों में काम करने लगे. हालांकि, उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया जब उनके गणित के शिक्षक उन्हें खोजते हुए खेत तक पहुंचे. शिक्षक ने उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया और दोबारा स्कूल लौटने के लिए प्रेरित किया. यही पल उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ.

मेहनत से हासिल की बड़ी सफलता

स्कूल लौटने के बाद मुस्तफा ने पढ़ाई में पूरी मेहनत लगाई. उन्होंने 7वीं कक्षा में टॉप किया और 10वीं भी अच्छे अंकों से पास की आगे चलकर उन्होंने केरल इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 63वीं रैंक हासिल की. इसके बाद उन्होंने NIT कालीकट से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और फिर देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की. यह उपलब्धि उनके संघर्ष और लगन का प्रमाण थी.

नौकरी छोड़कर शुरू किया अपना कारोबार

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद मुस्तफा ने मध्य पूर्व और अमेरिका की कई मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया. अच्छी सैलरी और सुरक्षित करियर होने के बावजूद उनके मन में अपना बिजनेस शुरू करने का सपना था. साल 2005 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और बेंगलुरु लौटकर अपने कुछ कजिन्स के साथ मिलकर सिर्फ 50 वर्ग फुट की छोटी किचन से बिजनेस शुरू किया. उनका उद्देश्य लोगों तक बिना प्रिजर्वेटिव वाला ताजा इडली और डोसा बैटर पहुंचाना था.

स्कूटर से खुद करते थे डिलीवरी

शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी थी. मुस्तफा खुद सुबह-सुबह स्कूटर पर बैटर के पैकेट दुकानों तक पहुंचाते थे. सीमित पूंजी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया. ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया और उनका छोटा कारोबार धीरे-धीरे एक बड़े ब्रांड में बदल गया.

आज 4000 करोड़ रुपये की कंपनी

आज iD Fresh Food भारत के प्रमुख फ्रेश फूड ब्रांड्स में शामिल है. कंपनी इडली-डोसा बैटर के अलावा पराठा, चपाती, चटनी और कई अन्य ताजे खाद्य उत्पाद तैयार करती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी रोजाना 50,000 किलोग्राम से अधिक फ्रेश बैटर का उत्पादन करती है और उसके उत्पाद भारत के साथ-साथ यूएई, अमेरिका और ओमान जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उपलब्ध हैं.

करीब 4,000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन वाली इस कंपनी की सफलता यह साबित करती है कि असफलता केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं. सही मार्गदर्शन, लगातार मेहनत और खुद पर विश्वास के दम पर कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है.

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