MBBS Course: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मेडिकल शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत MBBS छात्रों को अपना पूरा कोर्स समाप्त करने के लिए अधिकतम 10 वर्षों का समय दिया जा सकता है. यह अवधि अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप को भी शामिल करेगी. यह प्रस्ताव ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (GMER), 2023 में संशोधन के रूप में लाया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के दौरान अधिक लचीलापन देना है.
गौरतलब है कि जून 2023 में NMC ने MBBS कोर्स की अधिकतम अवधि को 10 साल से घटाकर 9 साल कर दिया था. अब नए ड्राफ्ट के अनुसार इस सीमा को फिर से बढ़ाकर 10 साल करने की तैयारी है, जिससे कई छात्रों को राहत मिल सकती है. इस बदलाव का उद्देश्य उन छात्रों को सहारा देना है जो किसी न किसी कारण से अपनी पढ़ाई समय पर पूरी नहीं कर पाते, लेकिन मेडिकल फील्ड में बने रहना चाहते हैं.
चार प्रयासों की सीमा रहेगी बरकरार
प्रस्तावित नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि पहले प्रोफेशनल MBBS परीक्षा को पास करने के लिए छात्रों को अधिकतम चार प्रयासों की ही अनुमति होगी. यह नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, कोर्स पूरा करने की कुल समय सीमा को लेकर अधिक लचीलापन दिया जा रहा है.
छात्रों को मिलेगा अधिक समय और लचीलापन
नई व्यवस्था के तहत छात्र एडमिशन की तारीख से 10 वर्षों के भीतर MBBS कोर्स पूरा कर सकेंगे, जिसमें रोटेटरी इंटर्नशिप भी शामिल होगी. यह प्रावधान उन छात्रों के लिए राहत लेकर आएगा जिन्हें पढ़ाई के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं, व्यक्तिगत संकट या अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. एक अधिकारी के अनुसार, यह बदलाव छात्रों को बिना अपनी पात्रता खोए अपनी मेडिकल शिक्षा पूरी करने का अवसर देगा.
फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट नियमों से मेल
यह प्रस्ताव NMC के फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंशिएट (FMGL) रेगुलेशंस, 2021 के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे भारतीय और विदेशी मेडिकल शिक्षा मानकों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.
जनता और विशेषज्ञों से मांगी गई राय
NMC ने इस ड्राफ्ट संशोधन को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया है और आम जनता तथा संबंधित हितधारकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और प्रतिक्रियाएं मांगी हैं. इन सुझावों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
मेडिकल शिक्षा में संभावित बड़ा बदलाव
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह मेडिकल शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जाएगा. इससे छात्रों को कठोर समय-सीमा के दबाव से राहत मिलेगी और वे अधिक स्थिरता के साथ अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे. हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय सभी सुझावों और समीक्षा प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा.