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NEET UG 2027 CBT Mode: नीट यूजी क्या अगले साल से CBT मोड में होगी? NTA की बड़ी तैयारी, होने वाला है ये बदलाव

NEET UG 2027 से ऑनलाइन यानी CBT मोड में आयोजित किए जाने की तैयारी है. यदि यह बदलाव लागू होता है, तो परीक्षा प्रणाली अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक तकनीक आधारित होने की संभावना है.

By: Munna Verma | Published: July 9, 2026 7:39:36 AM IST



NEET UG 2027 CBT Mode: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG में आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) वर्ष 2027 से NEET UG को कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी कर रही है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो परीक्षा पारंपरिक पेन-पेपर मोड की जगह ऑनलाइन आयोजित होगी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनने की उम्मीद है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार NEET UG 2027 का आयोजन भारत और विदेशों के लगभग 500 शहरों में स्थित करीब 1,000 परीक्षा केंद्रों पर किया जा सकता है. परीक्षा एक ही दिन में आयोजित करने के बजाय पांच से छह दिनों तक अलग-अलग चरणों में कराई जा सकती है. भारत में अधिकतर परीक्षा केंद्र सरकारी संस्थानों और केंद्रीय विद्यालयों में बनाए जाने की योजना है. हर दिन लगभग पांच लाख अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने का अनुमान है, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी.

पेपर लीक के बाद तेज हुए सुधार

CBT मोड में बदलाव का प्रस्ताव NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद शुरू किए गए व्यापक सुधारों का हिस्सा माना जा रहा है. प्रश्नपत्र लीक की घटना ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह मजबूत बनाने की दिशा में काम शुरू किया. इन सुधारों का उद्देश्य केवल परीक्षा के तरीके में बदलाव करना नहीं है, बल्कि NTA के संगठनात्मक ढांचे, तकनीकी क्षमता, बुनियादी ढांचे और परीक्षा संचालन प्रणाली को भी आधुनिक बनाना है.

NTA को मिल सकता है वैधानिक दर्जा

संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने भी NTA को संसद के अधिनियम के माध्यम से वैधानिक दर्जा देने की सिफारिश की है. वर्तमान में NTA एक पंजीकृत सोसाइटी के रूप में कार्य करती है, जिसके पास न तो स्थायी कर्मचारी हैं और न ही वैधानिक अधिकार. समिति का मानना है कि यदि NTA को UGC या AICTE की तरह वैधानिक संस्था बनाया जाता है, तो उसकी जवाबदेही, प्रशासनिक क्षमता और परीक्षा संचालन की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा.

उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों पर काम

हाल ही में हुई संसदीय समिति की बैठक में शिक्षा मंत्रालय और NTA अधिकारियों ने पूर्व ISRO अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी. इन सुझावों का उद्देश्य भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाना है.

Re-NEET UG 2026 के परिणाम का इंतजार

गौरतलब है कि NEET UG 2026 की परीक्षा पहले 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते इसे रद्द कर दिया गया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 21 जून 2026 को लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई.

NTA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि Re-NEET UG 2026 के परिणाम 20 जुलाई तक जारी किए जाने की संभावना है. हालांकि अंतिम तिथि घोषित नहीं की गई है, लेकिन एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि परिणाम समय पर जारी होंगे और MBBS शैक्षणिक सत्र में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी.

यदि NEET UG 2027 को CBT मोड में आयोजित किया जाता है, तो यह देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होगा. आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और NTA में संस्थागत सुधारों के जरिए सरकार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है.

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