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NEET UG 2026 Controversy: NTA रहेगा या खत्म हो जाएगा अस्तित्व! आज होगा इसके भविष्य का फैसला

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होने वाली है. NTA को भंग या पुनर्गठित करने की मांग, CBT मॉडल और परीक्षा सुधारों पर बड़ी बहस हो रही है.

By: Munna Verma | Last Updated: May 29, 2026 10:40:16 AM IST



NEET UG 2026 Controversy: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है. पेपर लीक के गंभीर आरोपों और परीक्षा रद्द होने के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. आज सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने या उसका व्यापक पुनर्गठन करने की मांग की गई है.

यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) द्वारा दायर की गई है. लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मामले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने NTA पर जताई नाराजगी

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि यह “दुखद” है कि एजेंसी ने NEET 2024 विवाद से कोई सबक नहीं सीखा. जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने केंद्र सरकार, NTA और CBI से जवाब मांगा है.

अदालत ने NTA को निर्देश दिया है कि वह हलफनामा दाखिल कर बताए कि 2024 में कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कैसे किया गया. साथ ही निगरानी समिति के अध्यक्ष को भी यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.

याचिकाकर्ताओं की प्रमुख मांगें क्या हैं?

FAIMA और UDF ने अपनी याचिका में कई बड़े सुधारों की मांग की है. सबसे अहम मांग NTA की जगह एक “तकनीकी रूप से उन्नत, सुरक्षित और स्वायत्त संस्था” बनाने की है, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से आयोजित कर सके. इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने एक हाई-पावर्ड मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने की भी मांग की है. इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ और फोरेंसिक वैज्ञानिक शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है.

CBT मॉडल और डिजिटल लॉकिंग पर जोर

याचिका में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मॉडल लागू करने और प्रश्न पत्रों की “डिजिटल लॉकिंग” व्यवस्था शुरू करने की मांग की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकती है.

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी बेचैनी

NEET UG 2026 विवाद ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. लंबे समय से तैयारी कर रहे छात्रों के लिए परीक्षा रद्द होना मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन साबित हो रहा है. अब सभी की उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का रास्ता खोल सकता है.

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