NEET Paper Leak Case: देशभर में चर्चित नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगावकर एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह बना है उसका एक वायरल वीडियो, जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. वीडियो में शिवराज कथित तौर पर एक कलश से “मंत्र सिद्ध जल” छात्रों पर छिड़कता दिखाई दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि वह छात्रों से कह रहा था कि इस जल के प्रभाव से परीक्षा में उनके नंबर बढ़ जाएंगे.
वीडियो सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कई यूजर्स इसे अंधविश्वास फैलाने और छात्रों की भावनाओं से खेलने वाला मामला बता रहे हैं.
वायरल वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में शिवराज मोटेगावकर RCC इंस्टीट्यूट के छात्रों के बीच नजर आ रहा है. वीडियो में वह कथित तौर पर धार्मिक अनुष्ठान जैसा माहौल बनाकर छात्रों पर जल छिड़कता दिखाई देता है.
बताया जा रहा है कि छात्रों और अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि इस प्रक्रिया से परीक्षा में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं. हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की नजरें और सख्त हो गई हैं.
NEET पेपर लीक जांच में CBI को मिले अहम सुराग
नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पहले से ही शिवराज मोटेगावकर से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल कर रही है. सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान एजेंसी को कई बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली है.
CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित पेपर लीक नेटवर्क के जरिए कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. जांच एजेंसी को मिले कुछ ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड अब मामले को आर्थिक अपराध की दिशा में भी ले जा सकते हैं.
अब ED भी शुरू कर सकती है जांच
एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, CBI की जांच रिपोर्ट और वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जल्द कार्रवाई शुरू कर सकता है. यदि मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध संपत्ति से जुड़े सबूत मिलते हैं, तो ED शिवराज मोटेगावकर की संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की विस्तृत जांच कर सकती है.
सूत्रों का कहना है कि संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन और संपत्ति के दस्तावेज ED के लिए अहम आधार बन सकते हैं. इससे मामले की गंभीरता और बढ़ सकती है.
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
NEET जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले ने पहले ही छात्रों और अभिभावकों का भरोसा हिला दिया था. अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और सख्त निगरानी बेहद जरूरी है. जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर अब पूरे देश की नजर बनी हुई है.