NEET Paper Cancelled: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द किए जाने के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है. पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया. इस फैसले ने लाखों छात्रों के भविष्य और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला है.
NEET परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं. ऐसे में परीक्षा रद्द होने की खबर ने लाखों उम्मीदवारों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है. सोशल मीडिया पर छात्रों ने खुलकर अपनी निराशा जाहिर की. कई छात्रों ने लिखा कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा दी थी, लेकिन अब उन्हें फिर से उसी दबाव से गुजरना पड़ेगा.
छात्रों का कहना है कि गलती सिस्टम की है, लेकिन इसकी कीमत मेहनती छात्रों को चुकानी पड़ रही है. कई अभिभावकों ने भी इस फैसले को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा झटका बताया.
देशभर में विरोध प्रदर्शन और जांच की मांग
NEET रद्द होने के बाद देश के कई शहरों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की कि पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं देश की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं. उनका कहना है कि केवल परीक्षा रद्द कर देना समाधान नहीं है, बल्कि दोषियों को सजा देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना जरूरी है.
शिक्षा विशेषज्ञों ने क्या कहा?
कोचिंग संस्थानों और शिक्षा विशेषज्ञों ने इस पूरे मामले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है. कई विशेषज्ञों ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द करने के फैसले का समर्थन किया, लेकिन साथ ही छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को भी गंभीर चिंता बताया. ALLEN के CEO ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित मजबूत व्यवस्था अपनानी होगी. उन्होंने सुझाव दिया कि NEET परीक्षा को JEE की तरह Computer-Based Test (CBT) मोड में आयोजित किया जाना चाहिए, जिससे पेपर लीक की संभावना काफी कम हो सकती है.
सिस्टम पर उठाए सवाल
PhysicsWallah के संस्थापक ने इस मामले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो छात्रों का पूरे सिस्टम से भरोसा उठ जाता है. उनके अनुसार, पेपर लीक के पीछे अक्सर प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत लोगों का नेटवर्क काम करता है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि परीक्षा में शामिल छात्रों पर सख्त नियम लागू होते हैं, लेकिन पेपर लीक करने वालों के खिलाफ उतनी कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं होती.
CBI जांच में तेजी, कई गिरफ्तार
मामले की जांच कर रही CBI ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग शहरों में कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. इस साल 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे. परीक्षा देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी.
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