NEET Marks Story: हरियाणा के करनाल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने NEET परीक्षा प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. करनाल के सग्गा गांव में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा सिमरन ने दावा किया है कि उसके ऑनलाइन अकाउंट पर NEET का रिजल्ट 715 अंक के साथ दिखाई दिया था. हालांकि, कुछ समय बाद न केवल वह रिजल्ट गायब हो गया, बल्कि उसका अकाउंट भी ब्लॉक हो गया. इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्रा ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा है.
सिमरन, जो मूल रूप से पंजाब के लुधियाना की रहने वाली हैं, का कहना है कि रिजल्ट घोषित होने के बाद उन्होंने आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन किया. वहां उन्हें 715 अंक दिखाई दिए. इतने अच्छे स्कोर से वह और उनका परिवार बेहद खुश थे. उन्होंने इस रिजल्ट का स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित कर लिया. लेकिन कुछ समय बाद जब उन्होंने दोबारा पोर्टल पर लॉगिन करने की कोशिश की तो स्थिति पूरी तरह बदल चुकी थी. उनका दावा है कि अकाउंट एक्सेस नहीं हो रहा था और बाद में उसे ब्लॉक कर दिया गया.
NTA कार्यालय पहुंची छात्रा
घटना के बाद सिमरन अपने पास मौजूद स्क्रीनशॉट और अन्य दस्तावेज लेकर NTA कार्यालय पहुंचीं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनका कहना है कि अधिकारियों को सभी सबूत दिखाए गए, लेकिन वहां उनके स्क्रीनशॉट और रिजल्ट को फर्जी बताया गया. छात्रा का आरोप है कि उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया और उनकी समस्या का कोई संतोषजनक समाधान भी नहीं दिया गया.
निष्पक्ष जांच की मांग
सिमरन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि तकनीकी गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और सही परिणाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए. उनका मानना है कि मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए. परिजनों का भी कहना है कि यदि ऑनलाइन पोर्टल पर 715 अंक दिखे थे तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि बाद में रिजल्ट क्यों बदला या अकाउंट ब्लॉक क्यों हुआ.
परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद परीक्षा परिणामों की विश्वसनीयता और ऑनलाइन सिस्टम की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी छात्र के साथ तकनीकी त्रुटि हुई है तो संबंधित एजेंसी को मामले की निष्पक्ष जांच कर स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए. हालांकि, इस मामले में NTA की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में छात्रा के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.
करनाल में सामने आया यह मामला छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का विषय बन गया है. सिमरन का दावा है कि उन्हें पहले 715 अंक दिखाई दिए और बाद में उनका रिजल्ट गायब हो गया. अब सभी की नजर इस बात पर है कि NTA इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं. यदि तकनीकी त्रुटि हुई है तो उसका समय रहते समाधान होना छात्रों के हित में बेहद जरूरी है.
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