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NEET Paper Leak Controversy: नीट पेपर क्या हो गया है लीक? वायरल ‘गेस पेपर’ से मेल खाते हैं क्वेश्चन, NTA ने कही ये बात

NEET Paper Leak Controversy: नीट यूजी 2026 फिर विवादों में है. सीकर में वायरल हाथ से लिखे ‘गेस पेपर’ के कई सवाल असली परीक्षा से मिलते बताए जा रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है.

By: Munna Verma | Last Updated: May 11, 2026 12:06:32 PM IST



NEET 2026 Paper Leak Controversy: नीट यूजी 2026 को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है. परीक्षा से पहले राजस्थान के सीकर में सर्कुलेट हुआ एक हाथ से लिखा “गेस पेपर” अब जांच एजेंसियों के निशाने पर है. शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि इस कथित क्वेश्चन बैंक के करीब 140 सवाल असली NEET 2026 परीक्षा में पूछे गए सवालों से काफी हद तक मेल खाते थे.

इस मामले ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. आरोप है कि ये सवाल परीक्षा से दो दिन पहले ही छात्रों के बीच फैल चुके थे और इसके लिए मोटी रकम वसूली जा रही थी.

राजस्थान SOG की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की जांच में सामने आया है कि यह हाथ से लिखा हुआ क्वेश्चन बैंक 1 मई को सीकर में सर्कुलेट होना शुरू हुआ था. बताया जा रहा है कि इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक प्रश्न शामिल थे.

जांच एजेंसियों के अनुसार इनमें से लगभग 140 सवाल 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा के सवालों से मेल खाते पाए गए. चूंकि NEET में हर प्रश्न चार अंकों का होता है, इसलिए यह मामला छात्रों की रैंकिंग और मेडिकल एडमिशन पर बड़ा असर डाल सकता है.

20 हजार से 2 लाख रुपये तक में बेचा गया कथित पेपर

सूत्रों का दावा है कि इस कथित “गेस पेपर” को छात्रों के बीच 20,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक में बेचा गया. परीक्षा से एक रात पहले इसकी कॉपियां लगभग 30,000 रुपये प्रति कॉपी तक पहुंच गई थीं. जांच में यह भी सामने आया है कि यह सामग्री एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए तेजी से शेयर की गई. कई चैट्स में “forwarded many times” का टैग भी मिला है, जिससे संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में छात्रों तक यह कंटेंट पहुंच चुका था.

MBBS छात्र और PG संचालक जांच के घेरे में

SOG की जांच के अनुसार इस पूरे मामले का लिंक चूरू के एक MBBS छात्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है. आरोप है कि उसने अपने एक दोस्त के साथ यह सामग्री साझा की, जिसके बाद यह तेजी से छात्रों और कोचिंग नेटवर्क में फैल गई.

सीकर का एक PG संचालक भी जांच के दायरे में है. दावा है कि उसने यह सामग्री आगे फॉरवर्ड की थी, हालांकि बाद में उसी ने पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को शिकायत भी दी. जांच एजेंसियों को शक है कि यह कदम खुद को बचाने के लिए उठाया गया हो सकता है.

NTA ने क्या कहा?

NTA ने 10 मई को जारी बयान में स्वीकार किया कि उसे NEET UG 2026 से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली है. एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उन पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की जाएगी.

2024 विवाद की यादें फिर हुईं ताजा

इस नए विवाद ने 2024 के NEET पेपर लीक मामले की यादें फिर ताजा कर दी हैं. उस समय भी पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. हालांकि अदालत ने दोबारा परीक्षा कराने से इनकार कर दिया था, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाने के निर्देश जरूर दिए थे.

अब NEET 2026 विवाद ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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