NCERT Class 8 Revised Social Science Book 2026: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 8वीं की सोशल साइंस की संशोधित पाठ्यपुस्तक “Exploring Society: India and Beyond” का नया संस्करण जारी कर दिया है. यह संशोधन उस विवाद के बाद किया गया है, जिसमें न्यायपालिका से जुड़े कुछ कंटेंट पर सवाल उठे थे. अब नई किताब में कई अध्यायों को अपडेट किया गया है और कुछ नए विषय भी शामिल किए गए हैं. इसके साथ ही इतिहास, नागरिक शास्त्र और सामाजिक समानता से जुड़े कई अहम बदलाव भी देखने को मिले हैं.
नई पुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े विवादित अंश, न्यायिक मामलों के लंबित रहने (Judicial Backlog) का उल्लेख और दो प्रमुख अदालतों के फैसलों का संदर्भ हटा दिया गया है. इसके स्थान पर अब पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL), ट्रिब्यूनल और Alternative Dispute Resolution (ADR) जैसी व्यवस्थाओं को विस्तार से समझाया गया है. इसका उद्देश्य छात्रों को न्याय व्यवस्था के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना बताया गया है.
भेदभाव की परिभाषा में आर्थिक पृष्ठभूमि भी शामिल
“Citizenship: Rights and Duties” अध्याय में अब भेदभाव के कारणों में आर्थिक पृष्ठभूमि (Economic Background) को भी जोड़ा गया है. पहले जहां जाति, धर्म, नस्ल, लिंग, विकलांगता और यौनिकता जैसे आधार शामिल थे, वहीं अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के साथ होने वाले भेदभाव को भी स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है. पुस्तक में बताया गया है कि किसी व्यक्ति के साथ उसकी आर्थिक स्थिति के कारण गलत व्यवहार करना भी अनुचित और कानून के खिलाफ है. यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब समानता और भेदभाव की परिभाषा पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है.
विभाजन और कांग्रेस की भूमिका पर बदला दृष्टिकोण
इतिहास के अध्याय “India’s Long Road to Independence” में भारत विभाजन को लेकर भी भाषा और प्रस्तुति में बदलाव किया गया है. नए संस्करण में कहा गया है कि 1947 के विभाजन का व्यापक विरोध हुआ था और कांग्रेस ने भी इसका विरोध किया था. साथ ही यह भी जोड़ा गया है कि विभाजन ही एकमात्र समाधान था या नहीं, इस पर आज भी इतिहासकारों के बीच बहस जारी है. इसके अलावा, वह पुराना उल्लेख भी हटा दिया गया है जिसमें विभाजन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व को पूरी तरह असहाय बताया गया था. वहीं, पूर्ण स्वतंत्रता की मांग के संदर्भ में विनायक दामोदर सावरकर का उल्लेख भी जोड़ा गया है.
नेताजी सुभाष चंद्र बोस वाले अध्याय में बदलाव
संशोधित पुस्तक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े अध्याय से एडॉल्फ हिटलर और नाजी विचारधारा का सीधा उल्लेख हटा दिया गया है. पहले के संस्करण में बोस द्वारा हिटलर से सहायता मांगने और नाजी विचारधारा का संदर्भ दिया गया था, जबकि अब केवल इतना बताया गया है कि उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरोध में विदेशी शक्तियों से सहयोग प्राप्त करने का प्रयास किया.
विवाद के बाद हुआ संशोधन
फरवरी 2026 में न्यायपालिका पर प्रकाशित कुछ सामग्री को लेकर विवाद खड़ा हुआ था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुस्तक की सभी प्रतियां वापस ली गईं और NCERT ने संशोधित संस्करण तैयार किया. नई पुस्तक में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अध्याय को विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप दोबारा लिखा गया है.
इसके साथ ही NCERT ने जानकारी दी है कि नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF-SE 2023) के अनुसार कक्षा 1 से 9 तक की अधिकांश नई पुस्तकें अब उपलब्ध हैं, जबकि कक्षा 9 की दो शेष पुस्तकें अगस्त तक जारी होने की संभावना है.
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