NCERT Class 9 Social Science Syllabus: क्लास 9 की नई NCERT टेक्स्टबुक में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. स्टूडेंट्स अब SIR के जरिए चुनावी प्रोसेस की पढ़ाई करेंगे. टेक्स्टबुक में पहले शामिल सोशलिज़्म, सेक्युलरिज़्म और डेमोक्रेसी पर कुछ एक्सप्लेनेशन अब नई टेक्स्टबुक में शामिल नहीं होंगे. इन टेक्स्टबुक में नए सिस्टम जोड़े गए हैं, जिससे स्टूडेंट्स संविधान और डेमोक्रेटिक सिस्टम को नए तरीके से समझ सके.
इन बदलावों से एजुकेशन और पॉलिटिक्स दोनों में गरमागरम बहस हो रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि स्टूडेंट्स को देश के इतिहास और डेमोक्रेसी से उसके रिश्ते के बारे में पता होना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे सब्जेक्ट पढ़ने से आगे की पढ़ाई में देश के बारे में बेहतर समझ मिलेगी.
SIR क्या है और इसे किताब में क्यों शामिल किया गया?
यह नई किताब इलेक्शन कमीशन की ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बारे में भी बताती है. यह बताती है कि वोटर लिस्ट को अपडेट करने और बनाए रखने का प्रोसेस कैसे किया जाता है. चार सब्जेक्ट की जगह हिस्ट्री, जियोग्राफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स को एक ही किताब में मिला दिया गया है. इसका मकसद स्टूडेंट्स को अलग-अलग सब्जेक्ट के बजाय एक जैसी समझ देना है.
क्लास 9 में पहली बार इमरजेंसी शामिल
क्लास 9 की इस किताब में पहली बार 1975 की इमरजेंसी को शामिल किया गया है. यह बताती है कि उस समय देश का डेमोक्रेटिक सिस्टम कैसे प्रभावित हुआ था और कितने फैसलों पर बहस हुई थी. यह डेमोक्रेसी के सामने आने वाली चुनौतियों को दिखाने के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम करती है.
बच्चों के लिए बदल गया संविधान समझाने का तरीका
यह नई किताब पुराने तरीके के बजाय संविधान को नए तरीके से समझाती है. यह इस बात पर ज़्यादा फोकस करती है कि संविधान कैसे बनाया गया, संविधान सभा के काम क्या थे और देश के डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन कैसे काम करते हैं. बराबरी, आज़ादी, अधिकार और ज़िम्मेदारियों जैसे टॉपिक भी शामिल हैं. पिछली किताबों में संविधान की प्रस्तावना के बारे में डिटेल में बताया गया था, और उसके शब्दों का मतलब समझाया गया था. हालांकि, नई किताब में सीधे तौर पर प्रस्तावना शामिल नहीं है. इसके अलावा, सोशलिज़्म और सेक्युलरिज़्म जैसे शब्द पहले की तरह नहीं बताए गए हैं.