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MBBS Internship Stipend Hike: मेडिकल छात्रों के लिए गुड न्यूज! केंद्र सरकार कर रही स्टाइपेंड बढ़ोतरी पर विचार

MBBS Internship Stipend Hike: स्वास्थ्य मंत्रालय MBBS इंटर्नशिप स्टाइपेंड में बढ़ोतरी पर विचार कर रहा है. RTI जवाब में खुलासा हुआ कि प्रस्ताव समीक्षा के दौर में है.

By: Munna Verma | Published: June 18, 2026 4:11:19 PM IST



MBBS Intern Stipend Hike: देशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और AIIMS संस्थानों में इंटर्नशिप कर रहे MBBS छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय MBBS इंटर्नशिप स्टाइपेंड में संशोधन करने की संभावना पर विचार कर रहा है. यह जानकारी सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में सामने आई है.

इस खुलासे के बाद हजारों मेडिकल इंटर्न्स के बीच उम्मीद जगी है, क्योंकि जनवरी 2022 के बाद से उनके स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.

छह साल तक नियमित रही बढ़ोतरी, फिर टूटा पैटर्न

पिछले वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि केंद्र सरकार हर दो साल में MBBS इंटर्न्स के स्टाइपेंड की समीक्षा करती रही है.

जनवरी 2018 से स्टाइपेंड: 23,500 प्रतिमाह
जनवरी 2020 से बढ़कर: 26,300 प्रतिमाह
जनवरी 2022 से बढ़कर: 30,070 प्रतिमाह

हालांकि 2022 के बाद अब तक किसी नई बढ़ोतरी की घोषणा नहीं हुई है. इससे वह परंपरा टूट गई, जिसके तहत हर दो साल में स्टाइपेंड संशोधित किया जाता था.

RTI जवाब में क्या कहा स्वास्थ्य मंत्रालय ने?

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार 15 जून को दिए गए RTI जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्टाइपेंड संशोधन से जुड़ा प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन है. मंत्रालय के अनुसार इस विषय पर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा और जांच की प्रक्रिया जारी है तथा सक्षम अधिकारियों द्वारा प्रस्ताव का मूल्यांकन किया जा रहा है. हालांकि मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि संभावित बढ़ोतरी कितनी हो सकती है और न ही किसी अंतिम निर्णय की समय-सीमा साझा की गई है.

क्यों नहीं साझा किए गए आंतरिक दस्तावेज?

RTI आवेदन में स्टाइपेंड बढ़ोतरी से जुड़े फाइल नोटिंग, समिति की सिफारिशें, विभागीय चर्चाएं और अन्य आधिकारिक पत्राचार की प्रतियां भी मांगी गई थीं. मंत्रालय ने इन दस्तावेजों को साझा करने से इनकार करते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8(1)(i) का हवाला दिया. मंत्रालय का कहना है कि जब तक किसी नीति पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उससे जुड़े आंतरिक विचार-विमर्श सार्वजनिक नहीं किए जा सकते.

मेडिकल छात्रों की बढ़ी उम्मीदें

मेडिकल इंटर्न्स लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं. बढ़ती महंगाई, हॉस्टल और रहने-खाने के खर्चों को देखते हुए कई छात्र स्टाइपेंड संशोधन को जरूरी मानते हैं. चूंकि पिछले चार वर्षों से कोई संशोधन नहीं हुआ है, इसलिए अब छात्रों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक फैसला ले सकती है.

अंतिम फैसला अभी बाकी

स्वास्थ्य मंत्रालय के जवाब से यह स्पष्ट है कि स्टाइपेंड बढ़ोतरी का मुद्दा फिलहाल सक्रिय विचार-विमर्श के चरण में है। हालांकि अंतिम मंजूरी और नई दरों की घोषणा अभी बाकी है. ऐसे में देशभर के MBBS इंटर्न्स की नजर अब केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है, जो उनके प्रशिक्षण काल के दौरान आर्थिक सहायता को प्रभावित कर सकता है.

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