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JEE Success Story: जेईई एडवांस्ड में 360 में से 285 अंक, 10-12 घंटे सेल्फ-स्टडी, बनाया ऐसा प्लान, सीधे पहंची IIT

JEE Advanced Success Story: जोविता मुनीश भसीन (Jovita Munish Bhasin) ने मेहनत, अनुशासन और स्मार्ट तैयारी के दम पर JEE Advanced में 285 अंक और AIR 177 हासिल की. अब वह यहां से बीटेक कर अपने सपने साकार कर रही हैं.

By: Munna Verma | Published: May 17, 2026 10:27:25 PM IST



JEE Success Story: सही योजना, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी अपने सपनों को हासिल कर सकता है. इन्हीं में एक नाम है जोविता मुनीश भसीन का, जिन्होंने 360 में से 285 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 177 प्राप्त की. उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व की बात बन गई है. मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के दम पर जोविता ने यह मुकाम हासिल किया. वह अभी आईआईटी बॉम्बे से बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं.

जोविता पिछले तीन वर्षों से जेईई की तैयारी कर रही थीं. उनका सपना IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने का था. बचपन से ही टेक्नोलॉजी और प्रोग्रामिंग में रुचि रखने वाली जोविता ने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं और आखिरकार सफलता हाथ लगी. वह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हैं. उनके पिता मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. जोविता के अनुसार, परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी तैयारी का सबसे मजबूत आधार रहा.

बैलेंस्ड स्टडी प्लान बना सफलता की कुंजी

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया और मनोरंजन के अनेक साधन छात्रों का ध्यान आसानी से भटका सकते हैं. ऐसे में जोविता ने एक ऐसा स्टडी शेड्यूल तैयार किया जो संतुलित और लचीला था. उन्होंने पढ़ाई को बोझ नहीं बनने दिया और समय का सही प्रबंधन किया. जोविता का मानना है कि लंबे समय तक लगातार पढ़ाई करने के बजाय स्मार्ट तरीके से पढ़ना अधिक प्रभावी होता है. उन्होंने अपने हर विषय के लिए अलग समय निर्धारित किया और कमजोर टॉपिक्स पर अतिरिक्त फोकस किया.

रटने के बजाय कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर दिया जोर

जोविता ने तैयारी के दौरान केवल याद करने के बजाय विषयों को गहराई से समझने की रणनीति अपनाई. उनका कहना है कि अगर किसी छात्र की बेसिक समझ मजबूत हो, तो कठिन सवाल भी आसानी से हल किए जा सकते हैं. उन्होंने “Read, Review and Repeat” तकनीक को अपनी तैयारी का मुख्य हिस्सा बनाया. नियमित रिवीजन और डाउट्स को तुरंत क्लियर करना उनकी आदत में शामिल था. इसके अलावा, उन्होंने मानसिक तनाव को कम करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए मेडिटेशन का सहारा लिया.

यहां से कर रही हैं बीटेक

परीक्षा से पहले के अंतिम दो महीनों में जोविता ने प्रतिदिन 10 से 12 घंटे सेल्फ-स्टडी की. हालांकि, उन्होंने पढ़ाई के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी समझा, ताकि मानसिक थकान न हो. लिंक्डइन के अनुसार जोविता फिलहाल अभी वह कंप्यूटर साइंस में आईआईटी बॉम्बे से बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं. वह अभी सेकेंड ईयर में है.

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