JEE Advanced Success Story: सफलता कभी अकेले नहीं मिलती, उसके पीछे अक्सर परिवार का त्याग, समर्थन और विश्वास छिपा होता है. JEE Advanced 2025 में लड़कियों की श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करने वाली आरोही देशपांडे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 77 हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. अब उनका सपना IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में BTech करने का है.
आरोही की सफलता सिर्फ उनकी मेहनत का नतीजा नहीं है, बल्कि पूरे परिवार के समर्पण का भी परिणाम है. मूल रूप से हैदराबाद से संबंध रखने वाला यह परिवार पहले पुणे में रह रहा था. लेकिन जब आरोही ने प्रतियोगी परीक्षाओं की गंभीर तैयारी करने का निर्णय लिया, तो परिवार ने बड़ा कदम उठाते हुए कोटा शिफ्ट होने का फैसला किया.
माता-पिता, भाई और दादी सहित परिवार के सभी सदस्य कोटा में बस गए ताकि आरोही को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सके. उनके पिता प्रसाद देशपांडे एक IT प्रोफेशनल हैं और उन्होंने घर से काम करते हुए बेटी का साथ दिया. वहीं उनकी मां अमिता एक एनवायरनमेंट इंजीनियर हैं. उन्होंने भी अपने काम और बेटी की तैयारी के बीच संतुलन बनाए रखा.
अनुशासन और कॉन्सेप्ट क्लियरिटी बनी सफलता की कुंजी
आरोही का मानना है कि किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता के लिए केवल लंबे समय तक पढ़ना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही रणनीति भी जरूरी होती है. उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और कमजोरियों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया. उनका कहना है कि उन्होंने कभी रैंक हासिल करने के दबाव में पढ़ाई नहीं की, बल्कि विषयों की गहरी समझ विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया. हर टेस्ट के बाद गलतियों का विश्लेषण करना उनकी तैयारी का अहम हिस्सा था.
गणित के प्रति रुचि ने तय की मंजिल
दसवीं कक्षा तक आरोही ने विज्ञान के सभी विषयों को समान महत्व दिया. लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि गणित उनकी सबसे पसंदीदा विषय है. इसी रुचि ने उन्हें इंजीनियरिंग की दिशा में आगे बढ़ाया और IIT बॉम्बे में पढ़ाई का सपना देखने के लिए प्रेरित किया. उनकी यह उपलब्धि न केवल मेहनत की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जब परिवार और छात्र एक लक्ष्य के लिए साथ मिलकर प्रयास करते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है.