IIT IIM NIT Placement: भारत के प्रतिष्ठित तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए करियर के अवसरों को लेकर एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है. SBI Research के विश्लेषण के मुताबिक, IIT, IIM और NIT जैसे संस्थानों में औसतन करीब 93% छात्र प्लेसमेंट हासिल करते हैं. वहीं, जो विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ते हैं, उन्हें भी शामिल किया जाए तो कुछ संस्थानों में यह अनुपात और अधिक हो जाता है.
रिपोर्ट केवल प्लेसमेंट तक सीमित नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में इन संस्थानों की संख्या, छात्र नामांकन, महिलाओं की भागीदारी और औसत वेतन चारों मोर्चों पर उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है.
IIT, IIM और NIT की संख्या में हुआ विस्तार
2014 में देश में 16 IIT और 13 IIM थे. अब इनकी संख्या बढ़कर क्रमशः 23 IIT और 22 IIM हो गई है. इसके अलावा देश में 31 NIT भी तकनीकी शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. संस्थानों की संख्या बढ़ने के साथ छात्रों की संख्या में भी तेजी आई है. 2017-18 में IIM में कुल नामांकन 9,298 था, जो 2023-24 में बढ़कर 18,243 हो गया. इसी अवधि में IIT और NIT में भी छात्र संख्या में पर्याप्त वृद्धि दर्ज की गई.
शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
इन संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी में भी लगातार सुधार हुआ है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2017-18 में IIT में महिलाओं की हिस्सेदारी 8.1% थी, जो 2023-24 में बढ़कर 20% हो गई. IIM में यह हिस्सेदारी 26.3% से बढ़कर 37.7%, जबकि NIT में 18.4% से बढ़कर 21.8% हुई. यानी खासकर प्रबंधन शिक्षा में महिलाओं की मौजूदगी पहले के मुकाबले काफी मजबूत हुई है.
प्लेसमेंट के साथ बढ़ा औसत वेतन
छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ प्लेसमेंट पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ी. वर्ष 2015-16 से 2023-24 के बीच IIM में प्लेसमेंट 7,552 से बढ़कर 13,693, IIT में 9,474 से 17,467 और NIT में 18,492 से बढ़कर 28,468 हो गया. वेतन के आंकड़े भी इस बदलाव को दर्शाते हैं. 2023-24 में IIM का औसत वेतन 43.6 लाख रुपये, IIT में 36.1 लाख रुपये और NIT में 20.7 लाख रुपये रहा.
सिर्फ नौकरी ही नहीं, उच्च शिक्षा भी विकल्प
SBI Research के अनुसार, इन संस्थानों के सभी छात्र सीधे नौकरी की राह नहीं चुनते। IIT और NIT में उच्च अध्ययन के लिए जाने वाले छात्रों की संख्या भी 2023-24 में ऊंचे स्तर पर रही. इससे संकेत मिलता है कि इन संस्थानों से निकलने वाले युवाओं के लिए करियर के रास्ते केवल कैंपस प्लेसमेंट तक सीमित नहीं हैं. नौकरी, उच्च शिक्षा और रिसर्च तीनों विकल्पों के प्रति छात्रों की रुचि बनी हुई है.