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CBSE रीवैल्यूएशन पोर्टल में Malicious Attack! इतने छात्र हुए प्रभावित, फीस में दिखा फ्लकचुएट

CBSE के रीवैल्यूएशन पोर्टल में आई तकनीकी गड़बड़ी और कथित साइबर हस्तक्षेप से करीब 50 छात्र प्रभावित हुए. फीस राशि में असामान्य बदलाव के कारण भुगतान प्रक्रिया में परेशानी सामने आई.

By: Munna Verma | Published: May 31, 2026 10:21:10 PM IST



CBSE Revaluation Portal Malicious Attack: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के रीवैल्यूएशन पोर्टल पर हाल ही में हुई तकनीकी गड़बड़ी ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पोर्टल से जुड़े पेमेंट सिस्टम में कथित साइबर हस्तक्षेप के कारण फीस की राशि में असामान्य बदलाव देखने को मिले. इस समस्या से लगभग 50 छात्र प्रभावित हुए, जिन्हें रीवैल्यूएशन आवेदन के दौरान भुगतान संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

जानकारी के मुताबिक, पोर्टल पर कुछ छात्रों को रीवैल्यूएशन फीस मात्र 1 रुपये दिखाई दी, जबकि कुछ मामलों में यह राशि अचानक बढ़कर 67,000 से 68,000 रुपये तक पहुंच गई. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सामान्य तकनीकी त्रुटि नहीं था और इसके पीछे दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है.

सूत्रों के अनुसार, जैसे ही पोर्टल सक्रिय हुआ, कुछ अनधिकृत प्रयासों के जरिए सिस्टम के भुगतान ढांचे को प्रभावित किया गया. इससे फीस संबंधी डेटा में गड़बड़ी उत्पन्न हुई और छात्रों को सही भुगतान करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

तकनीकी विशेषज्ञों को सौंपी गई जांच

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तत्काल तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली है. इस कार्य में IIT मद्रास, IIT कानपुर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की टीमों को शामिल किया गया है. ये विशेषज्ञ पोर्टल के कोड, आर्किटेक्चर और पेमेंट गेटवे इंटीग्रेशन की विस्तृत जांच कर रहे हैं. जांच का मुख्य उद्देश्य सिस्टम की कमजोरियों की पहचान करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाना है.

चार सरकारी बैंकों को जोड़ा गया

भविष्य में किसी एक पेमेंट सेवा प्रदाता पर निर्भरता कम करने के लिए CBSE ने चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को अतिरिक्त पेमेंट गेटवे के रूप में जोड़ा है. इस कदम से भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और स्थिर होने की उम्मीद है. अधिकारियों के अनुसार, नए सिस्टम का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है और शुरुआती परिणाम सकारात्मक रहे हैं.

AWS पर माइग्रेट किया गया पूरा सिस्टम

तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए CBSE ने अपने पोर्टल को Amazon Web Services (AWS) प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है. पहले सर्वर स्पेस और क्षमता से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही थीं, लेकिन AWS पर माइग्रेशन के बाद बेहतर स्केलेबिलिटी और प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव न केवल पोर्टल की गति बढ़ाएगा बल्कि सुरक्षा और विश्वसनीयता को भी मजबूत करेगा. इससे भविष्य में छात्रों को अधिक सहज और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाएं मिल सकेंगी.

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