CBSE Re-evaluation 2026: सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणाम जारी होने के बाद पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) और उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन की प्रक्रिया कई छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर लगातार तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे विशेष रूप से वे छात्र चिंतित हैं जिन्होंने JEE Advanced 2026 क्वालिफाई कर लिया है और अब IIT में प्रवेश के लिए JoSAA Counselling प्रक्रिया में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं.
हालांकि CBSE का कहना है कि उसकी तकनीकी टीम समस्याओं को दूर करने में जुटी हुई है, लेकिन छात्रों को लॉगिन, उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी डाउनलोड करने और पुनर्मूल्यांकन आवेदन जमा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
छात्रों ने उठाए तकनीकी खामियों के मुद्दे
कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि वे बार-बार प्रयास करने के बावजूद पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं. कुछ छात्रों को आधार आधारित सत्यापन के दौरान “Invalid Credentials” का संदेश दिखाई दे रहा है, जबकि अन्य ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं न खुलने और “403 Error” आने की शिकायत की है. इसके अलावा कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि सही जानकारी दर्ज करने के बावजूद सिस्टम बार-बार “Verification Failed” का संदेश दिखा रहा है. इन शिकायतों के बाद CBSE ने छात्रों को व्यक्तिगत सहायता का आश्वासन दिया है.
भारी ट्रैफिक और साइबर हमलों से बढ़ी चुनौती
बोर्ड के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं. हजारों छात्रों द्वारा एक साथ पोर्टल उपयोग किए जाने से सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है. CBSE ने यह भी बताया कि उसके पोर्टल पर साइबर हमले की कोशिशें हुईं, जिन्हें तकनीकी टीम ने सफलतापूर्वक रोक दिया. बोर्ड का दावा है कि वेबसाइट की कार्यक्षमता बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं.
IIT Admission के लिए क्यों अहम है Re-evaluation?
JEE Advanced में सफलता हासिल करना IIT में प्रवेश का केवल पहला चरण है. उम्मीदवारों को 12वीं बोर्ड परीक्षा से जुड़ी पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होती हैं. IIT में प्रवेश के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों को कक्षा 12 में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं, जबकि SC, ST और PwD श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 65 प्रतिशत है. ऐसे में जिन छात्रों के अंक पात्रता सीमा से थोड़े कम रह गए हैं, उनके लिए पुनर्मूल्यांकन बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है.
JoSAA Counselling के बीच बढ़ी बेचैनी
JoSAA Counselling 2026 की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. ऐसे में कई छात्र अपने संशोधित अंकों का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे IIT प्रवेश के लिए आवश्यक पात्रता पूरी कर सकें. यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ते हैं, तो कई छात्रों के लिए IIT में प्रवेश का रास्ता खुल सकता है. वहीं, प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या तकनीकी समस्या उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त तनाव का कारण बन सकती है.
छात्रों की नजर CBSE के अगले कदम पर
वर्तमान स्थिति में हजारों छात्र CBSE के पोर्टल अपडेट और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि छात्रों को समय पर सेवाएं मिल सकें. फिलहाल, जिन छात्रों का भविष्य पुनर्मूल्यांकन के परिणामों पर निर्भर है, उनके लिए यह प्रक्रिया केवल अंकों के सुधार का नहीं बल्कि उनके IIT के सपने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण चरण बन चुकी है.