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Delhi SIR 2026: दिल्ली SIR 2026 की शुरुआत आज से, वोटर लिस्ट में नाम जांचने के लिए ये डाक्यूमेंट्स जरूरी

Delhi Elections 2026: दिल्ली समेत पांच राज्यों में आज से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू हो गया. BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे. दिल्ली में ये अभियान 29 जुलाई तक चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 10 अक्टूबर को जारी होगी.

By: Sanskriti Jaipuria | Published: June 30, 2026 4:28:19 PM IST



Delhi SIR Criteria 2026: देशभर में मतदाता सूची को ज्यादा सटीक बनाने के उद्देश्य से आज से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान शुरू हो गया है. इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का वेरिफिकेशन करेंगे. चुनाव आयोग का ये अभियान आगामी चुनावों से पहले मतदाता लिस्ट में गलतियों को दूर करना, नए मतदाताओं को जोड़ने और गलत या दोहराए गए नामों को हटाने के लिए चलाया जा रहा है.

दिल्ली के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में भी आज से ये विशेष अभियान शुरू हो गया है.

 SIR के दौरान क्या करेंगे बूथ लेवल ऑफिसर?

इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर प्रत्येक मतदाता के घर पहुंचकर जरूरी जानकारी का वेरिफिकेशन करेंगे. नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरवाने में सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म (EF) भरवाकर संबंधित निर्वाचन अधिकारी (ERO/AERO) के पास जमा कराया जाएगा.

चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार हर मतदाता के घर कम से कम तीन बार संपर्क किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए. शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग और अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर रहने वाले मतदाता चाहें तो एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकते हैं.

 किन मतदाताओं की होगी विशेष जांच?

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनका नाम एक से ज्यादा स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज है. हालांकि एन्यूमरेशन चरण में मतदाताओं से केवल EF जमा कराया जाएगा, इसके साथ अन्य दस्तावेज देना जरूरी नहीं होगा.

 पहचान के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य होंगे?

जरूरत पड़ने पर पहचान वेरिफिकेशन के लिए कई प्रकार के दस्तावेज स्वीकार किए जा सकते हैं. इनमें सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पहले जारी सरकारी या सार्वजनिक संस्थानों के पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वनाधिकार प्रमाण-पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी या अन्य जाति प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो वहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण-पत्र शामिल हैं.

आधार से संबंधित मामलों में चुनाव आयोग द्वारा पहले जारी दिशा-निर्देश लागू होंगे. वहीं, कुछ मामलों में पहले से सत्यापित मतदाता सूची की प्रति भी पहचान सत्यापन के लिए स्वीकार की जा सकती है.

 दिल्ली में SIR अभियान का पूरा कार्यक्रम

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 29 जुलाई तक चलेगा. इसके बाद 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा. ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी. इन दावों और आपत्तियों की जांच एवं निस्तारण 5 अगस्त से 3 अक्टूबर के बीच किया जाएगा. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 10 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

 

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