Twisha Sharma case: भोपाल में हुई दहेज प्रथा को लेकर ट्विशा शर्मा की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. बता दें कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है. जिसके चलते CBI ने इस मामले में मृतक के पति समर्थ सिंह और उसकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ़ एक FIR दर्ज की है. CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट, जो दिल्ली से भोपाल पहुंची है, उसने इस मामले से जुड़े दस्तावेज़ और सबूत इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. इतना ही नहीं CBI की जांच के दौरान भोपाल पुलिस की ढील और लापरवाही की वजह से एक और बड़ी चूक हो गई है.
AIIMS से हुई बड़ी गलती
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पुलिस AIIMS, दिल्ली की टीम को वप बेल्ट भी नहीं दिखा पाई जिसका कथित तौर पर फंदा बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. जी हाँ! बताया जा रहा है कि ये टीम ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम करने के लिए भोपाल आई थी. वहीँ पुलिस ने AIIMS की टीम को यह कहकर टाल दिया कि आत्महत्या में इस्तेमाल की गई बेल्ट फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में जमा कर दी गई है.साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस अब FSL टीम को एक औपचारिक पत्र लिखने की प्रक्रिया में है.
घर का किया मुआयना
इतना ही नहीं बल्कि पूरे पूरे 13 दिन बाद यानी सोमवार को आखिरकार पुलिस की एक टीम जांच के लिए घटनास्थल पहुंची. यह टीम, जो मृतक के ससुराल वालों के घर पर लगभग दो घंटे तक रुकी रही, उसने जांच के मकसद से मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप और बाकी डिजिटल सबूत ज़ब्त किए हैं. शुरू से ही, इस हाई-प्रोफाइल मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका शक के घेरे में रही है, क्योंकि इतने संवेदनशील मामले में सबूतों को सुरक्षित रखने और घटनास्थल का समय पर मुआयना करने में भारी लापरवाही बरती गई थी.
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