B.Tech की डिग्री, पढ़ा-लिखा बैकग्राउंड और अंग्रेजी बोलने का अलग अंदाज… फिर ऐसा क्या हुआ कि एक युवा इंजीनियरिंग की दुनिया छोड़कर जुर्म की दुनिया का ‘कैटरीना’ बन गया? जिस शख्स के हाथों में कभी किताबें और तकनीक थीं, वही आगे चलकर हथियारों, रंगदारी और गैंगवार से जुड़ गया. हैरानी की बात तो यह है कि उसकी असली पहचान से ज्यादा चर्चा उसके उस नाम की होने लगी, जो जेल की चारदीवारी के अंदर उसे मिला था. आखिर कौन था यह ‘कैटरीना’, कैसे उसने जेल में बैठकर अपना क्राइम नेटवर्क खड़ा किया और किन चर्चित कांडों ने उसे दिल्ली-NCR से लेकर पश्चिमी यूपी तक कुख्यात बना दिया?
B.Tech किया, लेकिन शॉर्टकट ने अपराध की दुनिया में पहुंचा दिया
कैटरीना शर्मा उर्फ ‘शिव’ की कहानी इसलिए हैरान करने वाली है, क्योंकि उसने किसी अनपढ़ या अपराधी परिवार से निकलकर जुर्म की दुनिया में कदम नहीं रखा था. वह उत्तर प्रदेश के एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था और उसने B.Tech तक की पढ़ाई की थी. यानी उसके पास पढ़ाई और करियर बनाने का मौका था, लेकिन जल्द और ज्यादा पैसा कमाने की चाहत ने उसे अपराध की तरफ धकेल दिया. शुरुआत छोटे-मोटे अपराधों से हुई और धीरे-धीरे उसका नाम हथियारों की तस्करी, रंगदारी और दूसरे गंभीर मामलों से जुड़ता चला गया.
जेल पहुंचा तो वहीं से बनाया अपराध का नेटवर्क
कैटरीना की कहानी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब वह जेल पहुंचा. जेल की चारदीवारी के अंदर उसने कई अपराधियों और गैंगस्टरों से संपर्क बनाया. धीरे-धीरे उसने अपनी पहचान और नेटवर्क मजबूत किया. बताया जाता है कि उसकी बातचीत करने की शैली और अंग्रेजी बोलने के अंदाज की वजह से उसका नाम ‘कैटरीना’ पड़ा.
जेल से बाहर आने वाले अपराधियों और अपने संपर्कों के जरिए उसने अपना नेटवर्क बढ़ाया. समय के साथ वह गैंग की कमान संभालने लगा और उसके नाम से वसूली, धमकी और हिंसा जैसी वारदातें जुड़ती गईं.
रंगदारी से फायरिंग तक, कई वारदातों में आया नाम
कैटरीना और उसके गैंग पर दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई संगीन वारदातों से जुड़े होने के आरोप लगे. व्यापारियों से रंगदारी मांगना, बिल्डरों को धमकाना, फायरिंग करवाना और विरोधियों को रास्ते से हटाने के लिए हिंसा का सहारा लेना उसके गैंग के अपराधों में शामिल बताया गया.
इन वारदातों की वजह से उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड में एक कुख्यात गैंगस्टर के तौर पर सामने आया. उसके नेटवर्क में हथियारों और अपराधियों की मौजूदगी ने पुलिस के लिए भी चुनौती बढ़ा दी थी.
पुलिस ने ऐसे कसा शिकंजा और पहुंचाया सलाखों के पीछे
लंबे समय तक पुलिस से बचने के बाद कैटरीना पर शिकंजा कसने के लिए तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद ली गई. पुलिस को उसके ठिकानों और गतिविधियों से जुड़े इनपुट मिलने लगे. इसके बाद टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
इस गिरफ्तारी के साथ B.Tech डिग्री लेकर निकले उस युवक की अपराध की दुनिया में बनाई गई पहचान का एक और अध्याय खत्म हुआ. एक सामान्य परिवार से निकला ‘शिव’ कैसे ‘कैटरीना’ बनकर गैंग की कमान तक पहुंचा, उसकी कहानी अपराध की दुनिया के उस रास्ते को दिखाती है, जहां छोटे अपराध धीरे-धीरे बड़े गैंग और संगीन वारदातों में बदलते चले जाते हैं.
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