Gujarat Crime News: गुजरात के राजकोट से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां के आगमन सिटी में रहने वाली 21 साल की युवती नंदिनी बोसमिया ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी. नंदिनी ने सुसाइड से पहले सोशल मीडिया पर एक स्टेटस भी लगाया था, जिसमें उसने लिखा था कि ‘पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं.’ बताया जा रहा है कि नंदिनी जूनागढ़ के रहने वाले असलम नाम के एक शादीशुदा युवक के प्यार में थी. 27 अक्टूबर 2025 को नंदिनी अपने घर से चली गई थी और असलम के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में राजकोट आकर रहने लगी थी.
असलम पहले से ही शादीशुदा है और उसका एक बेटा भी है. दोनों के इस रिश्ते का उनके परिवारों ने भारी विरोध किया था. पारिवारिक विवाद इस हद तक बढ़ गया था कि करीब पांच महीने पहले जूनागढ़ में असलम की पत्नी, मौसी और अन्य रिश्तेदारों सहित पांच लोगों ने नंदिनी पर जानलेवा हमला भी किया था.
पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई थी शिकायत
हमले के संबंध में जूनागढ़ सी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी. हमले की इस घटना के बाद असलम और नंदिनी पिछले करीब पांच महीनों से राजकोट में एक किराए का कमरा लेकर साथ रह रहे थे.
मृतक की बहन रूपल ने आरोप लगाया है कि आत्महत्या करने से पहले नंदिनी ने अपने आखिरी मैसेज में बताया था कि उसके सोने-चांदी के सारे गहने असलम ने गिरवी रख दिए हैं. रूपल के अनुसार जब नंदिनी अपना घर छोड़कर असलम के साथ रहने गई, तब असलम ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं.
असलम ने नंदिनी से क्या कहा था?
रूपल के अनुसार असलम ने नंदिनी से कहा था, “मैं पहले से ही शादीशुदा हूं और मेरा एक बच्चा है, इसलिए मुझे भविष्य में कोई दूसरा बच्चा नहीं चाहिए.” यह बात कहकर उसने नंदिनी को बहलाया-फुसलाया, उसे झांसे में लिया और उसका ऑपरेशन करवाकर गर्भाशय ही निकलवा दिया. इसके बाद नंदिनी, असलम का साथ छोड़कर अकेले रहने और नौकरी कर नई जिंदगी शुरू करने की योजना बना रही थी.
वहीं नंदिनी के पिता के अनुसार, असलम और उसका परिवार पिछले काफी समय से नंदिनी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे तंग आकर ही उनकी बेटी ने यह आत्मघाती कदम उठाया है. फिलहाल, तालुका पुलिस ने पिता का आधिकारिक बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
नगरपालिका का चुनाव लड़ चुकी थी नंदिनी
बता दें कि नंदिनी बोसमिया ने साल 2025 के पालिका-पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी की ओर से जेतपुर-नवागढ़ नगरपालिका का चुनाव लड़ा था, हालांकि, इस चुनाव में उनकी हार हो गई थी.