Pakistan Gangrape: पाकिस्तान में 2020 में एक ऐसी घटना हुई थी जिसने हर किसी को हैरान कर दिया था. यहां पाकिस्तानी 2 आदमियों ने 1 फ्रांसीसी पर्यटक का गैंगरेप किया था. जिसके बाद से ही दोनों चर्चा में थी और सलाखों के पीछे अपनी जिंदगी बिता रहे थे. वहीँ अब इस मामले को लेकर एक पाकिस्तानी अदालत ने दो पुरुषों की मौत की सज़ा को बरकरार रखा है. इन पुरुषों को लाहौर के पास सियालकोट-लाहौर मोटरवे पर एक फ्रांसीसी पर्यटक का, उसके तीन बच्चों के सामने गैंगरेप करने का दोषी पाया गया था. जी हाँ! लाहौर हाई कोर्ट (LHC) ने बुधवार को दोनों दोषियों आबिद अली और शफकत अली द्वारा दायर अपीलें खारिज कर दीं. इन अपीलों में 2021 के एक आतंकवाद-रोधी अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें उन्हें अपहरण, गैंगरेप, लूट और आतंकवाद से जुड़े अपराधों का दोषी ठहराया गया था.
रेप की सजा सिर्फ मौत
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, एक अदालत अधिकारी ने बताया कि लाहौर हाई कोर्ट (LHC) ने आज 2020 में लाहौर में पाकिस्तानी मूल की फ्रांसीसी महिला के कुख्यात रेप मामले में दोषी ठहराए गए दो पुरुषों की अपीलें खारिज कर दीं और उन्हें मौत की सज़ा देने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा.
जानें पूरा मामला
9 सितंबर, 2020 को, पाकिस्तानी मूल की एक फ्रांसीसी महिला अपने तीन बच्चों के साथ लाहौर के पास सियालकोट-लाहौर मोटरवे पर सफर कर रही थी. देर रात के इस सफर के दौरान अचानक उसके वाहन का ईंधन खत्म हो गया. इसके बाद, मदद का इंतज़ार करते हुए यह परिवार सड़क किनारे फंसा रह गया. जांचकर्ताओं के मुताबिक, महिला सुरक्षा के लिए कार के अंदर ही रही और उसने दरवाज़े व खिड़कियां बंद रखी थीं. हमलावर मौके पर पहुंचे और उन्होंने खिड़कियां तोड़ दीं, महिला को कार से बाहर घसीटा और उसके बच्चों के सामने ही बंदूक की नोक पर उसका रेप किया. मौके से भागने से पहले, उन पुरुषों ने परिवार से नकदी और गहने भी लूट लिए.