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Girl Crime: बहन से मिलने आई थी लड़की, शख्स ने बनाया हवस का शिकार, 46 साल बाद ऐसे खुला रहस्य

Girl Crime: 1978 में 15 वर्षीय मारिसा हार्वे की हत्या के मामले में 80 वर्षीय मार्क पर्सोनेट को फर्स्ट-डिग्री मर्डर का दोषी ठहराया गया. जानें DNA और genetic genealogy से कैसे सुलझा पुराना केस.

By: Munna Verma | Published: October 3, 2026 12:49:35 AM IST



Girl Crime: करीब पांच दशक तक अनसुलझा रहा एक हत्या का मामला आखिरकार अदालत तक पहुंचा. 1978 में 15 वर्षीय मारिसा हार्वे की हत्या के मामले में 80 वर्षीय मार्क पर्सोनेट को फर्स्ट-डिग्री मर्डर का दोषी ठहराया गया है. अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिसमें सात साल बाद पैरोल की संभावना बताई गई है.

यह मामला उस समय का है जब फॉरेंसिक तकनीक आज जितनी उन्नत नहीं थी. हालांकि, वर्षों बाद आधुनिक DNA जांच और investigative genetic genealogy की मदद से जांचकर्ताओं को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिला.

घुड़सवारी के लिए गोल्डन गेट पार्क गई थीं मारिसा

सैन फ्रांसिस्को डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय के अनुसार, 15 वर्षीय मारिसा हार्वे अपनी बहन से मिलने सैन फ्रांसिस्को आई थीं. 27 मार्च 1978 को वह घुड़सवारी के लिए गोल्डन गेट पार्क गई थीं. अगले दिन सर्फर्स के एक समूह ने झाड़ियों में उनका शव देखा और पुलिस को सूचना दी. जांच में सामने आया कि हमला उसी इलाके में हुआ था जहां उनका शव मिला था.

पोस्टमॉर्टम में गला घोंटे जाने की बात सामने आई. जांचकर्ताओं को घटनास्थल और पीड़िता के कपड़ों से ऐसे जैविक साक्ष्य भी मिले, जो दशकों बाद इस केस की जांच में महत्वपूर्ण साबित हुए.

2021 में सामने आया संदिग्ध का नाम

मामले में बड़ा मोड़ 2021 में आया. जांचकर्ताओं ने investigative genetic genealogy का इस्तेमाल करते हुए मार्क पर्सोनेट को संभावित संदिग्ध के तौर पर चिन्हित किया. इसके बाद FBI अधिकारियों ने कोलोराडो के डेनवर स्थित उनके घर के आसपास निगरानी की. जांच के दौरान अधिकारियों ने ऐसी व्यक्तिगत वस्तुओं से DNA नमूने हासिल किए जिनसे उनकी पहचान की जा सकती थी. बाद में सर्च वारंट के तहत उनके घर की तलाशी ली गई. जांच में एकत्र किए गए DNA की तुलना पुराने केस से जुड़े जैविक साक्ष्यों से की गई.

पुराने DNA साक्ष्यों से हुआ मिलान

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पर्सोनेट से प्राप्त DNA मारिसा के स्वेटर और जींस पर मिले साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल से बरामद च्यूइंग गम के एक टुकड़े से भी मेल खाता था. करीब 43 साल बाद सामने आए इस वैज्ञानिक साक्ष्य ने जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आरोपी के खिलाफ अभियोजन का आधार मजबूत किया.

कोर्ट में दूसरी महिला ने भी दी गवाही

मुकदमे के दौरान एक अन्य महिला ने भी गवाही दी. उसने आरोप लगाया कि 1979 में न्यू जर्सी में पर्सोनेट ने उसके साथ यौन हमला किया था. यह घटना मारिसा हार्वे की हत्या के करीब एक साल बाद की बताई गई. हालांकि, दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन यह गवाही मुकदमे के दौरान सामने आए साक्ष्यों का हिस्सा रही.

दशकों बाद मिला मामले को कानूनी अंजाम

सैन फ्रांसिस्को डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने 30 सितंबर को घोषणा की कि पर्सोनेट को फर्स्ट-डिग्री मर्डर का दोषी ठहराया गया है. अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा दी है और सात साल बाद पैरोल की संभावना रखी गई है. यह मामला दिखाता है कि आधुनिक DNA तकनीक किस तरह पुराने और लंबे समय से अनसुलझे मामलों की जांच में नई दिशा दे सकती है. 1978 की इस घटना के दशकों बाद सामने आए वैज्ञानिक साक्ष्यों ने जांचकर्ताओं को उस केस तक दोबारा पहुंचने में मदद की, जिसे लंबे समय तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं मिल पाया था.

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