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वैभव सूर्यवंशी पर स्टडी करेगा IIM इंदौर, 15 साल में ऐसा कैसे कर सकते हैं? क्या बोले डायरेक्टर

IIM Indore on Vaibhav Sooryavanshi: आईपीएल 2026 में 776 रन बनाकर धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी की तारीफ हर तरफ हो रही है. इस बीच IIM इंदौर ने उनपर स्टडी करने का फैसला किया है. आइए जानते हैं IIM इंदौर के डायरेक्टर ने क्या कहा है?

By: Satyam Sengar | Published: June 3, 2026 10:27:52 AM IST



आईपीएल 2026 में अगर किसी खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी तो वह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे. पिछले सीजन में ही उन्होंने 35 गेंदों में शतक लगाकर सबको चौंका दिया था. लेकिन किसी भी खिलाड़ी के लिए दूसरा सीजन आसान नहीं होता. विरोधी टीमें उसकी कमजोरियां तलाशने लगती हैं और फैंस की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इसके बावजूद वैभव ने शानदार प्रदर्शन करके दिखाया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं. वैभव की शानदार उपलब्धियों के बाद अब IIM इंदौर उनपर रिसर्च करने जा रहा है.

राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने 16 मैचों में 776 रन बनाए. पूरे टूर्नामेंट में 750 से ज्यादा रन बनाने वाले वह इकलौते बल्लेबाज रहे. उनकी बल्लेबाजी इतनी दमदार रही कि गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना मुश्किल हो गया. जब भी वह बल्लेबाजी करने आते थे, स्टेडियम में मौजूद फैंस उनकी एक-एक पारी का इंतजार करते थे.

आईआईएम इंदौर करेगा खास रिसर्च

वैभव की इस शानदार सफलता के बाद भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर (आईआईएम इंदौर) ने उन पर केस स्टडी करने का फैसला किया है. इस स्टडी में यह समझने की कोशिश की जाएगी कि इतनी कम उम्र में वैभव ने इतनी बड़ी सफलता कैसे हासिल की. आईआईएम इंदौर के निदेशक हिमांशु राय का कहना है कि वैभव की कहानी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है. यह मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन की भी मिसाल है. उनका मानना है कि सही माहौल और अच्छे मार्गदर्शन के साथ युवा प्रतिभाएं बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं.

सचिन तेंदुलकर ने की खुलकर तारीफ

क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर भी वैभव के प्रदर्शन से काफी प्रभावित नजर आए. उन्होंने कहा कि वैभव सिर्फ रन ही नहीं बना रहे थे, बल्कि विरोधी टीमों पर मानसिक दबाव भी बना रहे थे. हर टीम उनके लिए अलग योजना बनाती थी क्योंकि सभी जानते थे कि अगर वैभव ज्यादा देर क्रीज पर टिक गए तो मैच का रुख बदल सकता है. सचिन ने यह भी कहा कि एलिमिनेटर और क्वालीफायर जैसे बड़े मुकाबलों में भी वैभव ने अपना आक्रामक अंदाज नहीं छोड़ा. दबाव बढ़ने के बावजूद उन्होंने तेजी से रन बनाए और अपनी टीम का हौसला बढ़ाया.

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