हांगझोऊ. रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. पीएम ने पीओके से गुजरने वाले चीन-पाकिस्तान के आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) पर कड़ा विरोध जताया. दोनों के बीच ये तीन महीने के भीतर दूसरी मुलाकात है.
 
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मोदी ने जिनपिंग से साफ शब्दों में कहा कि दोनों देशों को एक दूसरे के रणनीतिक हितों का ध्यान रखने के साथ साथ अविश्वास पैदा करने वाले कदमों से बचना चाहिए. साथ ही चीन को NSG में भारत की चिंताओं का सम्मान करना चाहिए. 
 
सूत्रों के मुताबिक हांगझोऊ पीएम और चीन के राष्ट्रपति के बीच करीब 35 मिनट तक बातचीत हुई. भारत ने सीपीईसी के मुद्दे पर और इलाके में आतंकवाद के बढ़ते खतरों के बारे में भी चीन को आगाह कर दिया. पाक द्वारा फैलाए जा रहे आतंकवाद पर चीन की चुप्पी को लेकर भी पीएम ने सवाल उठाए. उन्होंने चीन को नसीहत दी कि आतंकवाद सबके लिए चिंता का विषय है और इसके खिलाफ लड़ाई को राजनीतिक हितों की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए.
 
एनएसजी में भारत की सदस्यता पर चीन की आपत्ति का मुद्दा भी वार्ता में उठा. हालांकि, विदेश मंत्रालय ने इससे जुड़े सवाल पर कुछ कहने से इंकार कर दिया. चीन ने एनएसजी में भारत की सदस्यता पर अड़ंगा लगा दिया है.

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