हांगझू. एशिया के नक्शे पर चमकता हुआ चीन आज एक महाशक्ति के तौर पर जाना जाता है. वो इलाकाई सुपरपावर बनने के करीब है लेकिन हैरत होती है तो सिर्फ इस बात पर कि आखिर महज 10 सालों में इतना सब कैसे हो गया, कैसे करीब डेढ़ अरब की आबादी को ढोते हुए भी चीन विकास की राह पर इतना आगे निकल गया. बता दें कि इसके पीछे जो बड़े राज थे वो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ लग चुके हैं. 
 
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वो सुपर राज इतने खास हैं कि विकास की जो ऊंचाई हासिल करने में अच्छे-अच्छे मुल्कों को 40-50 साल लग जाते हैं वो विकास चीन ने करीब 10 सालों में कर दिखाया. वो राज अब पीएम मोदी के हाथ में हैं और उनके दम पर पीएम मोदी भारत का काया कल्प करने जा रहे हैं. 
 
चीन का पहला राज है रेल की रफ्तार. जी हां बात सुनने में अजीब लगेगी लेकिन चीन के विकास में सबसे बड़ी भूमिका चीन के रेलवे नेटवर्क की स्पीड ने निभाई है. चीन की रेलें रफ्तार के साथ हवा से बातें करती रही और चीन के विकास को पंख लग गए.
 
चीन का दूसरा राज़ है सुपर सफाई. चीन की सफलता में सफाई ने अहम योगदान दिया है. साफ सफाई आई तो चीन का इतनी बड़ी आबादी के स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च तेजी से घटा. इसने चीन के विकास को नई रफ्तार दी. 
 
चीन का तीसरा राज है निर्माण की रफ्तार. चीन में चमचमाती और आसमान की तरफ देखती लगभग 50 फीट लंबी एक ऐसी बिल्डिंग है जिसे बनाने में सिर्फ 15 दिन ही लगे. आपको यकीन नहीं होगा लेकिन ये बात सौ फीसदी सच है. विकास की राह में उसेन बोल्ट से भी तेज दौड़ रहे चीन की सफलता का बड़ा राज छिपा है उसके इन्फ्रॉस्ट्रक्चर के विकास में.
 
चीन का चौथा राज है स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट. रातों रात स्मार्ट शहर बसाकर चीन विकसित देश बन गया है ये राज भी मोदी से छिपा नहीं है. चीन में कुल 326 स्मार्ट सिटी हैं. इसी तर्ज पर मोदी भी 100 स्मार्ट सिटी बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं यानी चीन के विकास को देखकर कहा जा सकता है कि सरकार एकदम सही दिशा में काम कर रही है.
 
चीन का पांचवां राज़ है स्किल्ड लेबर प्रोजेक्ट. छोटे उद्योंगों को चीन में काफी तवज्जो दी जाती है, इसलिए चीन में घर-घर लघु उद्योग चल रहे हैं जो देश की तरक्की में योगदान दे रहे हैं. मोदी का स्टार्टअप इंडिया प्रोजेक्ट भी इसी मॉडल पर काम कर रहा है.
 
चीन का छठा राज़ है मेड इन चाइना. चीन सबसे बड़ी आबादी वाला देश है लेकिन उसने अपनी इसी आबादी को भुनाया मेड इन चाइना प्रोजेक्ट के जरिए. सस्ते वर्कर मिलने की वजह से लागत घटी और दुनियाभर की कंपनियों ने चीन का रुख किया. मोदी भी मेक इन इंडिया के जरिए यही मॉडल अपनाना चाहते हैं.
 
पीएम मोदी का सपना चीन के मार्केट पर हिंदुस्तान की मुहर लगाने का है. अंतर सिर्फ इतना है कि चीन को उसके लोगों का पूरा साथ मिला, अब देखना ये है कि पीएम मोदी के सपने में हिंदुस्तान के लोग कितना साथ देते हैं क्योंकि अगर ये साथ मिल गया तो मेड इन चाइना इतिहास हो जाएगा.
 
इस हफ्ते में चीन के सुपर राज पर इंडिया न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ दीपक चौरसिया की खास रिपोर्ट देखिए.

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