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Surajpur News: सूरजपुर में नारी सम्मान को लेकर राजनीति गरमाई, जिला पंचायत ने विपक्ष पर बोला हमला

Surajpur News: सूरजपुर जिला पंचायत में मंगलवार को निंदा प्रस्ताव पारित कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पारित न होने पर नाराजगी जताई गई. अध्यक्ष चंद्रमणी पैकरा के नेतृत्व में विपक्ष पर महिला सशक्तिकरण रोकने और राजनीतिक स्वार्थ साधने का आरोप लगाया गया. मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है.

By: Shivashakti Narayan Singh | Published: April 28, 2026 7:26:30 PM IST



Surajpur News: जिला पंचायत सूरजपुर में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने वाला निंदा प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों के पारित न हो पाने पर गहरा क्षोभ और आक्रोश व्यक्त किया गया. इस पूरे घटनाक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैकरा की भूमिका केंद्र में रही, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर सशक्त और स्पष्ट रुख अपनाया.

जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणी पैकरा के नेतृत्व में पारित इस प्रस्ताव में विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि संसद में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर महिला सशक्तिकरण के इस ऐतिहासिक अवसर को बाधित किया है. प्रस्ताव में इसे “महिला विरोधी मानसिकता” और “संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ” का परिणाम बताया गया. 

जिला पंचायत अध्यक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक

अध्यक्ष पैकरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की माताओं, बहनों और बेटियों को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रगतिशील कानून का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी के अधिकारों के साथ अन्याय किया है.उन्होंने यह भी कहा कि जिला पंचायत सूरजपुर महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मानजनक प्रतिनिधित्व के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

जिला पंचायत के सभी सदस्यों ने लिया संकल्प

“हम तब तक संघर्ष करते रहेंगे, जब तक महिलाओं को नीति-निर्माण में उनका उचित स्थान नहीं मिल जाता,” उन्होंने दृढ़ता से कहा. इस प्रस्ताव के माध्यम से जिला पंचायत के सभी सदस्यों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे विपक्ष के इस “दोहरे चरित्र” और “महिला विरोधी सोच” को घर-घर तक पहुंचाएंगे. बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए इसे सामाजिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया.

महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर नहीं हाेगा समझौता

निंदा प्रस्ताव पर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष, सदस्य एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया. प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं में रेखा राजलाल राजवाड़े, लवकेश रामसेवक पैकरा, किरण सिंह केराम, मोनिका सिंह, नयन विजय सिरदार, अनुज कुमार राजवाड़े, बाबूलाल सिंह, कुसुम सत्यनारायण सिंह, योगेश्वरी लक्ष्मण राजवाड़े, कलेश्वरी लखन कुरै, अखिलेश प्रताप सिंह, नरेंद्र यादव, सुरेश कुमार आयाम और हेमलता राजवाड़े शामिल रहे. जिला पंचायत सूरजपुर का यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

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